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अबू बकर, मुज़फ्फर, नवाजिश ने मेरी बेटी को घर से उठाया, रेप किया: नाबालिग महादलित की माँ

पुलिस ने 15 वर्षीय पीड़िता को मुक्त करा लिया है। साथ ही बलात्कार की बात से इनकार करते हुए कहा है कि उसे सिर्फ अगवा किया गया था। नामजद आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

​बिहार में एक महादलित किशोरी को अगवा कर कथित तौर पर गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपित पीड़िता के गॉंव के ही हैं। पुलिस ने 15 वर्षीय पीड़िता को मुक्त करा लिया है। साथ ही बलात्कार की बात से इनकार करते हुए कहा है कि उसे सिर्फ अगवा किया गया था।

मुख्य आरोपित ने 2 युवकों के साथ मिल कर उसका अपहरण किया। पीड़िता की माँ ने कसबा थाना क्षेत्र में अपनी बेटी के अपहरण और बलात्कार का मामला दर्ज कराया है। मोहम्मद मुजफ्फर मुख्य आरोपित है। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल भेजा है।

पीड़िता की माँ ने अपने बयान में बताया है कि सोमवार (अगस्त 4, 2020) की रात घर के सभी लोग छत पर सो रहे थे। मोहम्मद मुजफ्फर अपने सहयोगियों नवाजिश और अबू बकर के साथ आया और उनकी बेटी का अपहरण कर लिया।

पीड़िता की मॉं का दावा है कि अगवा करने से पहले उनकी बेटी को बेहोश किया गया। आरोपितों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। पीड़िता की माँ ने बताया कि सुबह उसे घर में न पाकर परिजन बेचैन हो गए और तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि पीड़िता को मोहम्मद मुजफ्फर ने बंधक बना कर रखा है।

जब परिजन वहाँ पहुँचे तो आरोपितों ने गाली-गलौज कर के उन्हें भगा दिया। पीड़िता को मुजफ्फर के घर से कहीं और शिफ्ट कर दिया। परिजनों के अनुसार जब पुलिस पहुँची, तब तक सारे आरोपित फरार हो चुके थे लेकिन पीड़िता को छुड़ा लिया गया। थानाध्यक्ष पंकज आनंद का कहना है कि पीड़िता की माँ की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुँची थी।

उन्होंने ये भी बताया कि मेडिकल जाँच के लिए महादलित पीड़िता को पूर्णिया सदर अस्पताल भेज दिया गया है। हालाँकि, पुलिस समूहिक बलात्कार की बात से इनकार कर रही है। ‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, राजद जिलाध्यक्ष नवीन यादव ने इस मामले में स्पीडी ट्रायल को माँग की है। पुलिस ने सामूहिक बलात्कार की घटना से इनकार करते हुए कहा है कि नामजद आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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