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महाराष्ट्र में ‘शिवाजी मूर्ति’ पर बवाल: दो गुटों में जम कर पत्थरबाजी, गाड़ियों में लगाई गई आग, पुलिसकर्मी समेत कई घायल

जालना जिले के भोकरदान तहसील के चंदई में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गाँव में दाखिल होने वाले गेट पर लगाई गई थी जबकि उसका नाम गोपीनाथ मुंडे किया जाना था। ऐसे में दो पक्ष जालना में आमने-सामने आ गए और पत्थरबाजी होने लगी।

महाराष्ट्र के जालना जिले के चंदई गाँव में दो गुटों में पथराव का मामला सामने आया है। जालना एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि गाँव में बने नए गेट के नाम को लेकर गुरुवार (12 मई 2022) को दो गुटों में विवाद हो गया था। पुलिस ने 20 से 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया है, दोनों गुटों की ओर से पथराव में कई गाड़ियों को नुकसान पहुँचा है। हालाँकि, अभी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बताया जा रहा है कि पथराव के दौरान 5 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।

जानकारी के मुताबिक, जालना जिले के भोकरदान तहसील के चंदई में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गाँव में दाखिल होने वाले गेट पर लगाई गई थी। जबकि उस गेट का नाम गोपीनाथ मुंडे किया जाना था। गेट के नाम को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दो गुटों एक दूसरे पर पथराव करने लगे। इसके बाद गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायर किया और आँसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान पुलिस ने करीब 20 से 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। बता दें कि चंदई में दो गुटों के आपस में भिड़ने की वजह से गाँव में तनाव का माहौल है। इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

बता दें कि अप्रैल माह के बाद से विभिन्न राज्यों से दो गुटों में झड़पों की खबर सामने आ चुकी है। इससे पहले महाराष्ट्र के ही अमरावती जिले के अचलपुर शहर में झंडा हटाने को लेकर दो समुदायों में झड़प हुई थी, जिसके बाद वहाँ कर्फ्यू लगाया गया था। उस समय भी दोनों गुटों ने एक दूसरे पर पथराव किया था और पुलिस को सबको तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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