Friday, July 19, 2024
Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र में 'शिवाजी मूर्ति' पर बवाल: दो गुटों में जम कर पत्थरबाजी, गाड़ियों में...

महाराष्ट्र में ‘शिवाजी मूर्ति’ पर बवाल: दो गुटों में जम कर पत्थरबाजी, गाड़ियों में लगाई गई आग, पुलिसकर्मी समेत कई घायल

जालना जिले के भोकरदान तहसील के चंदई में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गाँव में दाखिल होने वाले गेट पर लगाई गई थी जबकि उसका नाम गोपीनाथ मुंडे किया जाना था। ऐसे में दो पक्ष जालना में आमने-सामने आ गए और पत्थरबाजी होने लगी।

महाराष्ट्र के जालना जिले के चंदई गाँव में दो गुटों में पथराव का मामला सामने आया है। जालना एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि गाँव में बने नए गेट के नाम को लेकर गुरुवार (12 मई 2022) को दो गुटों में विवाद हो गया था। पुलिस ने 20 से 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया है, दोनों गुटों की ओर से पथराव में कई गाड़ियों को नुकसान पहुँचा है। हालाँकि, अभी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बताया जा रहा है कि पथराव के दौरान 5 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।

जानकारी के मुताबिक, जालना जिले के भोकरदान तहसील के चंदई में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गाँव में दाखिल होने वाले गेट पर लगाई गई थी। जबकि उस गेट का नाम गोपीनाथ मुंडे किया जाना था। गेट के नाम को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दो गुटों एक दूसरे पर पथराव करने लगे। इसके बाद गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायर किया और आँसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान पुलिस ने करीब 20 से 25 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। बता दें कि चंदई में दो गुटों के आपस में भिड़ने की वजह से गाँव में तनाव का माहौल है। इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

बता दें कि अप्रैल माह के बाद से विभिन्न राज्यों से दो गुटों में झड़पों की खबर सामने आ चुकी है। इससे पहले महाराष्ट्र के ही अमरावती जिले के अचलपुर शहर में झंडा हटाने को लेकर दो समुदायों में झड़प हुई थी, जिसके बाद वहाँ कर्फ्यू लगाया गया था। उस समय भी दोनों गुटों ने एक दूसरे पर पथराव किया था और पुलिस को सबको तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

1 साल में बढ़े 80 हजार वोटर, जिनमें 70 हजार का मजहब ‘इस्लाम’, क्या याद है आपको मंगलदोई? डेमोग्राफी चेंज के खिलाफ असम के...

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तथ्यों को आधार बनाते हुए चिंता जाहिर की है कि राज्य 2044 नहीं तो 2051 तक मुस्लिम बहुल हो जाएगा।

5 साल में 123% तक बढ़ गए मुस्लिम वोटर, फैक्ट फाइडिंग रिपोर्ट से सामने आई झारखंड की 10 सीटों की जमीनी हकीकत: बाबूलाल का...

झारखंड की 10 विधानसभा सीटों के कई मुस्लिम बहुल बूथ पर 100% से अधिक वोटर बढ़ गए हैं। यह खुलासा भाजपा की एक रिपोर्ट में हुआ है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -