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देश के लिए बलिदान हुए थे कॉर्पोरल निराला, गरुड़ कमांडो ने पैसे जुटाकर कराई बहन की शादी

बिहार के रोहतास में जन्मे कॉर्पोरल निराला को वीरगति कश्मीर में प्राप्त हुई थी। ज़की-उर-रहमान लखवी के भतीजे समेत छह लश्कर के जिहादियों को मार गिराने वाले बांदीपोरा में हुए ऑपरेशन में 31-वर्षीय कमांडो के शौर्य ने पूरे देश का सर गर्व से उठा दिया।

डेढ़ वर्ष पहले पाँच जिहादियों को मार कर गरुड़ कमांडो और कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला ने अपने प्राण देश के लिए उत्सर्ग किए थे। उस समय उन्हें अशोक चक्र तो मिला और देश में उनके बलिदान का सम्मान सदैव रहेगा, लेकिन उनके परिवार के लिए उस समय आर्थिक कठिनाईयों का गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया। आज खबर आ रही है कि अपने साथी सैनिक की ज़िम्मेदारियाँ पूरी करने का बीड़ा सेना के जवानों ने खुद उठाया और कॉर्पोरल निराला की बहन की शादी अपने चंदे के धन से कराई है।

जन्म बिहार, बलिदान कश्मीर में

बिहार के रोहतास में जन्मे कॉर्पोरल निराला को वीरगति कश्मीर में प्राप्त हुई थी। ज़की-उर-रहमान लखवी के भतीजे समेत छह लश्कर के जिहादियों को मार गिराने वाले बांदीपोरा में हुए ऑपरेशन में 31-वर्षीय कमांडो के शौर्य ने पूरे देश का सर गर्व से उठा दिया। उन्हें अशोक चक्र भी मिला।

सोशल मीडिया पर आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्षवर्धन गोयनका ने ट्वीट करते हुए बताया कि कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की। उन्होंने शादी की एक रस्म के दौरान कमांडो यूनिट के सैनिकों की हथेलियों पर चलती कमांडो निराला की बहन की तस्वीर भी पोस्ट की।

Disclaimer: ऑपइंडिया इस खबर को केवल श्री गोयनका के ट्वीट के आधार पर कर रहा है और हमने इस घटना की स्वतंत्र जाँच नहीं की है। हालाँकि सामान्यतः ऑपइंडिया किसी एक स्रोत पर आधारित ऐसी स्टोरीज़ नहीं करता है, पर यहाँ हम एक बलिदानी सैनिक से जुडी कहानी होने के चलते, (और इस विश्वास से कि ऐसे गैरराजनीतिक, गैरविवादस्पद विषय पर झूठ बोलने का श्री गोयनका जैसे जाने माने सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति के पास कोई कारण नहीं होगा), अपवादस्वरूप यह स्टोरी कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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