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बिहार DGP की चेतावनी उपद्रवी ‘समुदाय विशेष’ पर बेअसर, अब दरभंगा में आशा कार्यकर्ताओं पर हुआ हमला, फाड़े गए फॉर्म

कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रवासियों के लिए एक सर्वे चल रहा है। इसी बीच जानकारी मिली थी कि इस गाँव में बाहर से कुछ लोग आए हुए हैं, इसकी जानकारी पर आशा और आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पाँच दिनों तक सर्वे किया जाना है। इसी क्रम में कुछ कार्यकर्ता भालपट्टी पंचायत के वार्ड नंबर 4 में गई थीं तभी हम लोगों को इनके साथ हुई बदसलूकी की सूचना मिली।

बिहार से एक के बाद एक कोरोना योद्धाओं पर हमले की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ इसी तरह बिहार के दरभंगा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक गाँव में सर्वे के लिए गई कुछ आशा कार्यकर्ताओं की टीम पर समुदाय विशेष के लोगों ने हमला कर दिया। इतना ही नहीं उपद्रवियों ने पहले तो आशा कार्यकर्ताओं के हाथों में लगे कागजों को फाड़ा और फिर उनके कपड़े भी खींचने की कोशिश की। हालाँकि, पुलिस ने एक आरोपित को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक दरभंगा भालपट्टी के ओपी गाँव में शुक्रवार को कोविड-19 का सर्वे करने के लिए कुछ आशा कार्यकर्ताएँ पहुँची हुई थीं, जो कि अपना सर्वे करते हुए पाँच घरों के बाद छटे घर में सर्वे कर ही रही थीं कि अचानक से घर के बाहर से आए एक अल्पसंख्यक समुदाय के युवक ने आशा कार्यकर्ताओं के हाथ से कागजों को छीनकर और उन्हें फाड़कर फेंक दिया। इस दौरान युवक ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी करते हुए उनके कपड़े खींचने की भी कोशिश की।

इसके बाद घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ ओपी प्रभारी मोहम्मद मोहसिन खान, सदर बीडीओ रवि सिन्हा और सीओ अरुण कुमार सक्सेना मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मौके से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इस पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। यहाँ तक कि ग्रामीणों ने आरोपित को पुलिस की गाड़ी से उतारने का भी प्रयास किया।

वहीं सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ गाँव पहुँचे एसडीपीओ अनोज कुमार ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद आरोपित युवक को गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया। वहीं दंगा नियंत्रण बल के जवानों के साथ पुलिस ने गाँव में फ्लैग मार्च किया। मामले में डीएम डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने कहा कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। गाँव की स्थिति नियंत्रण में है।

न्यूज 18 की खबर के मुताबिक खंड विकास अधिकारी रवि सिन्हा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रवासियों के लिए एक सर्वे चल रहा है। इसी बीच जानकारी मिली थी कि इस गाँव में बाहर से कुछ लोग आए हुए हैं, इसकी जानकारी पर आशा और आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पाँच दिनों तक सर्वे किया जाना है। इसी क्रम में कुछ कार्यकर्ता भालपट्टी पंचायत के वार्ड नंबर 4 में गई थीं तभी हम लोगों को इनके साथ हुई बदसलूकी की सूचना मिली।

बता दें कि बिहार के औरंगाबाद में हेल्थ टीम पर बुधवार को ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया था। गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गाँव की इस घटना में स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुँची टीम के कई कर्मियों को चोटें भी आईं थीं। मोतिहारी में लोगों को जागरूक करने गए अफसरों पर ग्रामीणों ने हमला किया था, इसमें बीडीओ घायल हो गए थे।

वहीं बिहार से लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को कहा था कि जो लोग ऐसा करेंगे उनको जेल में सड़ा देंगे। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों का नाम गुंडा पंजी में भी दर्ज होगा और स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाई जाएगी। लेकिन उनका आदेश बिहार में समुदाय विशेष पर कोई असर नहीं दिखा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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