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मुंबई के अस्पताल का ICU, चूहों ने कुतर दी मरीज की आँख: शिवसेना के कब्जे वाली BMC चलाती है यह हॉस्पिटल

"अस्पताल लंबे समय प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। अस्पताल अधीक्षक पिछले पाँच साल से रेनोवेशन के लिए राशि की माँग कर रहे हैं। पूर्वी उपनगरों के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक होने के बाद भी बीएमसी इसके लिए धन की मँजूरी नहीं दे रही है।"

महाराष्ट्र के मुंबई से एक हैरान कर देने वाले मामला सामने आया है। यहाँ के राजावाड़ी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती नागेश यलप्पा की आँख मंगलवार (22 जून 2021) को चूहों ने कुतर दी। यह अस्पताल शिवसेना के कब्जे वाली बीएमसी द्वारा संचालित है। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि मरीज की हालत खराब है। उन्होंने घटना की जाँच के आदेश दिए हैं।

मरीज को साँस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसे बुखार और किडनी में दर्द की शिकायत के बाद रविवार (20 जून 2021) को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। इस घटना से मरीज की आँख को कितना नुकसान हुआ है, यह अभी पता नहीं चल सका है। अस्पताल की सुपरिंटेंडेंट डॉ. विद्या ठाकुर का दावा है कि पेशेंट की आँख की रोशनी सही सलामत है।

मरीज की बहन ने बयाँ की कहानी

मरीज की बहन यशोदा यल्लापा ने आँख को हुए नुकसान की तस्वीरें दिखाई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यल्लापा ने कहा, “इस अस्पताल का मालिकाना हक बीएमसी के पास है। मंगलवार को मैंने उनकी आँख पर एक पट्टी देखी और नीचे खून देखा। हम जैसे साधारण लोग और कहाँ जा सकते हैं? नर्सों ने बताया था कि सिर्फ दो लोग ड्यूटी पर हैं और आईसीयू के लिए यह संख्या काफी कम है। घटना के बाद सिक्योरिटी गार्ड ने मुझे बाहर निकालने की कोशिश की।”

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब मुंबई के किसी अस्पताल में इस तरह की घटना हुई है। इससे पहले 2017 में कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में भी चूहों ने दो मरीजों को कुतर डाला था। अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने इसकी दुर्दशा की कहानी बयाँ करते हुए कहा, “यह अस्पताल लंबे समय प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। अस्पताल अधीक्षक पिछले पाँच साल से रेनोवेशन के लिए राशि की माँग कर रहे हैं। अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल सर्विस विंग को पूर्व सांसद गुरुदास कामत ने अपने फंड से 2006 में बनवाया था। राजावाड़ी के पूर्वी उपनगरों के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक होने के बाद भी बीएमसी इसके लिए धन की मँजूरी नहीं दे रही है।”

घटना के बाद मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने आईसीयू में मरीज का हाल जाना। इस दौरान उनके साथ स्थानीय विधायक दिलीप लांडे भी थे। इस मामले में मेयर किशोरी पेडनेकर एक मीटिंग भी की। उन्होंने कहा, “मरीज की हालत ठीक नहीं है। उनका हीमोग्लोबिन केवल एक है। वो शराबी भी है। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। हमने जाँच का आदेश दे दिया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

मेयर के साथ इस बैठक में मरीज की बहन यशोदा यल्लापा भी शामिल हुईं। बैठक के बाद पेडनेकर ने कहा, “नॉर्थ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर अजीत कुमार अंबी ने कहा है कि वो यहाँ पर रात में चूहे पकड़ने वालों को तैनात करेंगे। ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।” मेयर ने कहा कि जो हुआ उसे मैं सही नहीं ठहरा सकती। लेकिन, मैंने देखा है कि आईसीयू पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ है। जब किसी ने उसका दरवाजा खोला होगा तो चूहा घुस गया होगा। मैंने निर्देश दिया है कि रात में सभी पर्दों को मोड़ दिया जाए ताकि चूहे दिखाई दें। वहीं स्टाफ की कमी को स्वीकार करते हुए मेयर ने कहा कि जब रात में नर्सें होती हैं तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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