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इंस्टाग्राम पर यास्मीन ने फँसाया, अल्ताफ की हत्या के बदले करना था मर्डर: खत्म पेट्रोल, एक कॉल और पुलिस ने जिंदा बचाया

अल्ताफ की बहन को मालूम हुआ कि उसके भाई का कातिल दिल्ली में है। फिर उसने इंस्टाग्राम पर प्यार का नाटक किया। मुंबई बुलाया। एंबुलेंस में अपहरण किया। सब परफेक्ट था लेकिन 2 चीज धोखा दे गई और...

मुंबई के मालवाणी में अपहरण और हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने यास्मीन नाम की एक महिला समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यास्मीन ने सादिक नाम के युवक की मौत के लिए पूरा जाल बिछाया और अपने भाई अल्ताफ की हत्या का बदला लेने के लिए उसका एंबुलेंस में अपहरण किया।

इस बीच पूरी घटना वहाँ मौजूद एक शख्स को खटकी और उसने पुलिस को फोन कर दिया। बाद में पुलिस के प्रयासों से सादिक जिंदा मिल गया। मुंबई पुलिस ने एक्शन में आते हुए अन्य सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार, पूछताछ में आरोपित महिला ने बताया कि 9 जून 2020 को मालवाणी में लोकल ग्रुप एमएम कंपनी और साजिद 313 ग्रुप में ऑटोरिक्शा पार्किंग को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना में एमएम कंपनी के मो. सादिक उर्फ मेंटल ने साजिद-313 ग्रुप के मेंबर 24 वर्षीय अल्ताफ शेख की हत्या कर दी और मुंबई से फरार हो गया।

एक दिन अल्ताफ की बहन को मालूम हुआ कि उसके भाई का कातिल सादिक दिल्ली में छिपा हुआ है। जिसके बाद उसने बदला लेने की ठानी। उसने पहले मालवाणी में रहने वाले भाई के दोस्तों से संपर्क किया और फिर अल्ताफ को मारने का षड्यंत्र रचा। इस पूरी वारदात को अंजाम तक पहुँचाने में यास्मीन का साथ फारूख शेख, ओवेश नबिउल्लाह शेख, मो मानिस सैयद, निहाल जाकिर खान और सत्यम पांडे ने दिया।

यास्मीन ने सबको अपने प्लान में शामिल करके पहले इंस्टाग्राम की एक फेक आईडी बनाई और सादिक से दोस्ती का भरोसा दिला कर उसे मुंबई बुला लिया। जब कुछ दिन पहले सादिक वहाँ आया तो यास्मीन ने उसको 9 जनवरी 2021 को छोटा कश्मीर गार्डन के पास मिलने बुलाया। उसी दिन दोपहर में सादिक वहाँ पहुँचा तो पाँचों ने चाकू दिखा कर उसका एंबुलेंस में अपहरण कर लिया।

सबको लगा कि उनका काम प्लान मुताबिक हो गया। मगर, इस बीच घटनास्थल से दूर खड़े आदमी को यह पूरा दृश्य खटका और उसने पुलिस को कॉल लगा दी। इसके बाद जोनल डीसीपी डॉ स्वामी ने इलाके की नाकाबंदी की। अलग-अलग चौराहों पर जाँच शुरू हुई। नतीजतन सारे आरोपित उसी शाम के 7:30 बजे तक पकड़ लिए गए।

पुलिस के अनुसार, जानकारी के बाद उन्हें सादिक के अपहरण का वीडियो मिल गया था। इसके बाद उन्होंने यास्मीन के नंबर का पता लगाया और फिर उसे ट्रेस करते हुए एंबुलेंस का पीछा किया। कुछ ही समय में आरोपित पकड़ में आ गए।

पुलिस का कहना है कि एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म होने पर सभी ने एक इनोवा का इंतजाम कर लिया था। उसमें बैठ कर वह नायगाँव जाने वाले थे। आरोपित महिला की योजना थी कि वह वहाँ के जंगल में ही सादिक की हत्या करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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