श्रीराम हमारे भी पूर्वज: मुस्लिम महिलाओं ने राम मंदिर के लिए किया हवन, 125 करोड़ राम नाम जाप

हाल ही में शिया बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि राम मंदिर वाली ज़मीन हिन्दुओं को दे देनी चाहिए। हिन्दू पक्ष का समर्थन करते हुए सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर सारे दस्तावेज जब्त कर रखने का आरोप भी लगाया था।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अब मुस्लिम समुदाय के लोग भी सामने आने लगे हैं। संत परमहंस दास के नेतृत्व में न सिर्फ़ हिन्दुओं ने बल्कि मुस्लिम मंच की महिलाओं ने भी राम नाम जाप में हिस्सा लिया। मुस्लिमों ने हवन में भी हिस्सा लेकर राम मंदिर निर्माण का संकल्प जताया। तपस्वी छावनी के स्वामी परमहंस दास, हाजी सईद और बबलू खान की अगुवाई में मुस्लिम मंच के सदस्यों, ख़ासकर महिलाओं ने सवा सौ करोड़ राम नाम जाप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए

ज्ञात हो कि हाल ही में शिया बोर्ड ने कहा था कि राम मंदिर वाली ज़मीन हिन्दुओं को दे देनी चाहिए। शिया वक्फ बोर्ड ने खुल कर हिन्दू पक्ष का समर्थन किया था। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर आरोप लगाते हुए शिया वक्फ बोर्ड ने कहा कि उन्होंने उनके सारे दस्तावेज जब्त कर रखे थे, जिस कारण उन्हें अदालत का रुख करने में इतना ज्यादा समय लग गया।

स्वामी परमहंस ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए हवन का आयोजन किया गया था। वहाँ उपस्थित मुस्लिमों ने कहा कि श्रीराम उनके भी पूर्वज हैं और वे अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण में हिस्सा लेना चाहते हैं। हवन में हिस्सा ले रहे मुस्लिमों ने साफ़ कर दिया कि अयोध्या श्रीराम की भूमि है।

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मुस्लिम मंच ने कहा कि विवादित स्थल पर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, इसीलिए वह मस्जिद नहीं है। महंत दास ने कहा कि राम नाम के जाप से बड़ी से बड़ी बाधाएँ दूर हो जाती हैं। ज्ञात हो कि राम मंदिर मामले की अभी सुप्रीम कोर्ट में नियमित सुनवाई चल रही है।

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शरजील इमाम
“अब वक्त आ गया है कि हम गैर मुस्लिमों से बोलें कि अगर हमारे हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो। अगर वो हमारी शर्तों पर खड़े नहीं होते तो वो हमारे हमदर्द नहीं हैं। असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है। असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी ये हमारी बात सुनेंगे।"

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