Homeदेश-समाजअनुराग कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज, पायल घोष की शिकायत NCW भी भेजी जाएगी

अनुराग कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज, पायल घोष की शिकायत NCW भी भेजी जाएगी

थाने में महिला अधिकारी मौजूद न होने के कारण कल देर रात तक शिकायत नहीं हो पाई थी। थाने का क्षेत्राधिकार भी तय नहीं था क्योंकि घटना वर्सोवा में हुई थी। लेकिन मुंबई पुलिस ने अंततः अनुराग कश्यप पर यौन शोषण मामले में FIR दर्ज कर ली।

अभिनेत्री पायल घोष ने मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप पर यौन शोषण मामले में एफआईआर करवा दी है। यह खबर इंडिया टीवी ने कुछ समय पहले दी है। इससे पहले खबर थी कि एक्ट्रेस अपनी शिकायत दर्ज करवाने अपने वकील के साथ ओशिवारा थाने पहुँची थीं मगर उनकी शिकायत वहाँ दर्ज नहीं हुई थी

पायल घोष के वकील ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि थाने में महिला अधिकारी मौजूद न होने के कारण शिकायत नहीं हो पाई। इसके अलावा थाने का क्षेत्राधिकार भी तय नहीं था क्योंकि घटना वर्सोवा थाने के अधिकार क्षेत्र में हुई थी। उनके वकील नितिन सतपूते ने यह भी बताया था कि वह आज दोपहर (कुछ खबरों में मंगलवार तक) तक अपनी शिकायत दर्ज करवा देंगे। इसके अलावा NCW के समक्ष भी शिकायत करेंगे।

नितिन सतपुते ने कहा कि पायल घोष के साथ साल 2014 में छेड़छाड़ की गई और अनुराग कश्यप ने घर पर बुरा व्यवहार किया। ऐक्ट्रेस ने पहले शिकायत दर्ज करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें धमकी दी गई थी। उन पर दबाव डाला गया था कि अगर शिकायत दर्ज करोगी तो बहिष्कार कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ यह मामला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है वहीं अनुराग कश्यप ने कई ट्वीट करके इन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “क्या बात है, इतना समय ले लिया मुझे चुप करवाने की कोशिश में,चलो कोई नहीं। मुझे चुप कराते कराते इतना झूठ बोल गए कि औरत होते हुए दूसरी औरतों को भी संग घसीट लिया। थोड़ी तो मर्यादा रखिए मैडम। बस यही कहूँगा कि जो भी आरोप हैं आपके सब बेबुनियाद हैं।”

उनकी वकील प्रियंका खिमाणी ने भी बयान जारी करते हुए कहा, “मेरे क्लाइंट अनुराग कश्यप को यौन उत्पीड़न के उन झूठे आरोपों को मानसिक आघात पहुँचा है। ये सारे आरोप झूठे हैं और बुरी भावना से लगाए गए हैं। बहुत दुखद है कि मीटू जैसे ज़रूरी सामाजिक मूवमेंट को हथियार बनाकर किसी के चरित्र पर आघात करने की कोशिश की गई है। इस तरह के झूठे आरोप, मी टू से जुड़े उन पीड़ितों के लिए आघात है जो सच में ऐसी कठिन परिस्थितियों से गुज़रे हैं।”

इसके अलावा अनुराग कश्यप की पूर्व पत्नियों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अनुराग कश्यप को अपना समर्थन दिया है। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्विटर पर इस मामले पर सवाल पूछा कि शिकायत वास्तविक है, इसका निर्णय कौन लेगा, कौन नहीं? क्या यह इस पर निर्भर करता है कि किसके ख़िलाफ़ शिकायत है? क्या सही व गलत पर निर्णय लेने से पहले हर शिकायत की जाँच सही से नहीं होनी चाहिए? महिलाओं को भी कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए न कि केवल नाम बदनाम करना चाहिए।

यहाँ बता दें, रेखा शर्मा का यह ट्वीट राहुल ईस्वर के ट्वीट पर है, जिसमें उन्होंने सवाल उठाया है, “कल को यह सब आपके साथ, आपके पिता, भाई और बेटे के साथ हो सकता है। कोई पुलिस में जाने के बजाय मीडिया में आरोप लगा सकता है।”

रेखा शर्मा के इस ट्वीट पर विनोद कापड़ी का रिप्लाई आया। उन्होंने लिखा, “हाँ। किसी को भी आधिकारिक रूप से शिकायत करनी चाहिए। और आपने तो दो दिन पहले कह दिया था कि शिकायत भेजिए। पता नहीं शिकायत पहुँची की नहीं” जिस पर रेखा शर्मा ने जवाब दिया कि अभी तक नहीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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