Tuesday, June 18, 2024
Homeदेश-समाज'हम कानून का पालन करने वाले लोग': बैन होने के बाद PFI ने किया...

‘हम कानून का पालन करने वाले लोग’: बैन होने के बाद PFI ने किया संगठन भंग करने का ऐलान, अब सोशल मीडिया हैंडलों और बैंक खातों पर एजेंसियों की नजर

इसके साथ ही केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को भी कहा है कि वो इस प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी सभी संपत्तियों को तुरंत अपने कब्जे में ले लें।

केंद्र सरकार द्वारा 5 वर्षों के लिए प्रतिबंधित किए जाने के बाद अब PFI ने अपने संगठन को भंग करने का ऐलान किया है। प्रतिबंधित संगठन की केरल यूनिट के ‘जनरल सेक्रेटरी’ अब्दुल सत्तार ने कहा कि संगठन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना का संज्ञान लिया है और ‘कानून का पालन करने वाले नागरिक’ होने के कारण संगठन को भंग करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि संगठन इस निर्णय को स्वीकार करता है।

इधर जाँच एजेंसियाँ अब PFI पर बैन के बाद अगले कदम की तैयारी में जुट गई है। कई ठिकानों पर 2 राउंड्स में हुई छापेमारी में संगठन के कई कार्यकर्ता पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और सबूत के रूप में कई भड़काऊ दस्तावेज भी मिले हैं। अब PFI और उससे जुड़े सोशल मीडिया हैंडलों को भी हटवाया जाएगा। इसके लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MeitY) की मदद ली जा रही है। साथ ही सभी संबंधित बैंकों से संपर्क कर PFI और इससे जुड़े बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करने को कहा गया है।

इसके साथ ही केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को भी कहा है कि वो इस प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी सभी संपत्तियों को तुरंत अपने कब्जे में ले लें। भाजपा ने अपनी सरकार के इस निर्णय की पीठ थपथपाते हुए कहा है कि ये समय पर लिया हुआ मजबूत निर्णय है। पार्टी ने कहा कि कुछ लोग इसमें भी राजनीतिक फायदे देख रहे हैं। ‘ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़’ नामक संगठन ने इस बैन का स्वागत किया है। संगठन ने कहा है कि PFI देश के सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के विरुद्ध कार्य कर रहा था।

पसमांदा मुस्लिमों के संगठन ने कहा कि राष्ट्रवाद की भावना से ही भारत जगद्गुरु बनेगा। 12 वर्ष पहले जिन प्रोफेसर टीएस जोसफ की PFI के कट्टरपंथियों ने हाथ काट लिया था, उन्होंने इस निर्णय पर कहा कि कभी-कभी प्रतिक्रिया देने की बजाए चुप रहना ही बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि वो इस मामले के पीड़ित रहे हैं। वहीं PFI से जुड़े संगठन SDPI ने ‘अघोषित आपातकाल’ का रोना रोते हुए कहा कि ये गलत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि नए भारत में देश की एकता को खंडित करने वाले हर ताकत को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अच्छा! तो आपने मुझे हराया है’: विधानसभा में नवीन पटनायक को देखते ही हाथ जोड़ कर खड़े हो गए उन्हें हराने वाले BJP के...

विधानसभा में लक्ष्मण बाग ने हाथ जोड़ कर वयोवृद्ध नेता का अभिवादन भी किया। पूर्व CM नवीन पटनायक ने कहा, "अच्छा! तो आपने मुझे हराया है?"

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3...

"गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो - ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -