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‘इस्लाम में अल्लाह से ऊपर कोई नहीं’: राजस्थान के स्कूलों में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने दी याचिका, हाई कोर्ट ने खारिज की

राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) ने मुस्लिम संगठन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राज्य के सभी विद्यालयों में सूर्य नमस्कार पर रोक लगाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। राजस्थान HC ने याचिका ख़ारिज करते हुए मुस्लिम संगठनों पर कई कड़ी टिप्पणी भी की है। अदालत ने 1 मार्च को दोबारा सुनवाई करने की बात कही है।

राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) ने मुस्लिम संगठन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें राज्य के सभी विद्यालयों में सूर्य नमस्कार पर रोक लगाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। राजस्थान HC ने याचिका ख़ारिज करते हुए मुस्लिम संगठनों पर कई कड़ी टिप्पणी भी की है। अदालत ने 1 मार्च को दोबारा सुनवाई करने की बात कही है।

मुस्लिम फोरम नाम वाले मंच के तत्वाधान में कई मुस्लिम संगठनों ने यह याचिका राजस्थान हाई कोर्ट में डाली थी। संगठन की तरफ से यह याचिका AIMIM के महासचिव काशिफ ज़ुबेरी ने लगाई थी। इसमें उन्होंने माँग की थी कि राजस्थान के स्कूलों में 15 फरवरी 2024 को प्रस्तावित सूर्य नमस्कार को रोका जाए।

मुस्लिम पक्ष का कहना था कि सूर्य नमस्कार में श्लोक भी पढ़े जाते हैं, जो कि इस्लाम के खिलाफ है, क्योंकि मुस्लिम सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं। राजस्थान हाई कोर्ट ने यह याचिका खारिज करते हुए कहा कि मुस्लिम फोरम स्कूली बच्चों का प्रतिनिधि नहीं है और ना ही कोई रजिस्टर्ड संस्था है। ऐसे में उनका यह दावा खारिज हो जाता है।

राजस्थान हाई कोर्ट ने इसी के साथ गुरुवार (15 फरवरी 2024) को स्कूलों में होने वाले सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का आदेश राजस्थान सरकार ने दिया था। यह कार्यक्रम सूर्य सप्तमी के मौके पर आयोजित किया जा रहा है।

उधर मुस्लिम संगठनों ने राजस्थान के स्कूलों में पढ़ने वाले मुस्लिम बच्चों से इसका बहिष्कार करने और इस दिन स्कूल नहीं जाने के लिए कहा है। जमीयत के प्रदेश महासचिव अब्दुल वहीद खत्री ने कहा कि हिंदू सूर्य को भगवान मानते हैं लेकिन इस्लाम में अल्लाह से ऊपर कोई नहीं है।

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने इसके पीछे संवैधानिक आजादी का भी राग अलापा है। एक मौलाना ने सूर्य नमस्कार समेत सरस्वती पूजा और वन्दे मातरम को भी हिन्दुओं का रिवाज बताया है। बता दें कि इससे पहले कट्टरपंथी मुस्लिम सूर्य नमस्कार का विरोध करते रहे हैं।

वहीं, प्रदेश सरकार की तरफ से राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्कूलों बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह आयोजन राजस्थान के सभी स्कूलों में सुबह 10:30 बजे आयोजित किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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