Tuesday, October 27, 2020
Home देश-समाज क्या दिल्ली में वाकई इन कश्मीरी मुस्लिम महिलाओं को ‘आतंकवादी’ कहा गया? जानिए फिजा...

क्या दिल्ली में वाकई इन कश्मीरी मुस्लिम महिलाओं को ‘आतंकवादी’ कहा गया? जानिए फिजा ‘नूर’ भट्ट मामले का सच

दोनों बहनों के पास मकान मालिक तरुणा मखीजा पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत तक नहीं है। इसके अलावा ऑपइंडिया को एक और ऐसा वीडियो मिला है जिसे देख कर नूर भट्ट द्वारा लगाए गए आरोप और खोखले साबित होते हैं।

दक्षिण पूर्वी दिल्ली की एक महिला ने अपनी मकान मालिक (लैंडलेडी) पर मारपीट का आरोप लगाया और ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह कश्मीरी है। इस घटना के एक दिन बाद इस तरह की कई जानकारी सामने आई हैं जो इन संदिग्ध दावों से पर्दा उठाती है। 

शुक्रवार (16 अक्टूबर 2020) को तमाम मीडिया समूहों ने ख़बर प्रकाशित की जिसके मुताबिक़ नूर भट्ट नाम की कश्मीरी महिला पर हमला हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा बताया गया था कि एक कश्मीरी महिला के साथ उसकी मकान मालिक ने दिल्ली के लाजपत नगर में मारपीट की। 

नूर भट्ट ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए इस घटना की जानकारी दी और लिखा कि उनकी मकान मालिक एक ऐसे व्यक्ति के साथ आई थी जिसे उसने कभी नहीं देखा था। इसके अलावा नूर भट्ट ने कहा कि उन्हें आतंकवादी भी कहा गया क्योंकि वह कश्मीर से है। इसके बाद नूर भट्ट ने दावा किया कि पूरी घटना पुलिस वालों के सामने हुई मकान मालिक ने उनके कई सामान भी चुराए। 

नूर भट्ट द्वारा अपनी मकान मालिक पर लगाए गए आरोप

नूर भट्ट ने अपने ट्वीट में लिखा, “मेरी मकान मालिक एक ऐसे व्यक्ति के साथ मेरे घर में दाखिल हुई है जिसे मैंने इस जीवन में कभी नहीं देखा है और वह मुझे व मेरे दोस्तों को आतंकवादी कह कर बुला रही है। वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि हम कश्मीर से हैं और इतना कुछ पुलिस वालों के सामने हो रहा है। इन्होंने उत्पात किया, तोड़ फोड़ करते हुए दाखिल हुए, हमारे रुपए और सामान भी उठाए।” 

नूर भट्ट ने यह भी दावा किया कि महान मालिक के साथ मौजूद आदमी ने उसे पुलिस के सामने धक्का दिया और इस दौरान उनकी मकान मालिक ने उस पर हमला भी किया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दो कश्मीरी बहनों ने यह घर किराए पर लिया था, जिसमें से एक बहन जो मामले में खुद को भुक्तभोगी बता रही है। उसने कहा कि घर का ताला तोड़ा गया और घर की कई कीमती चीज़ें चुराई गई। जैसे ही नूर भट्ट ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ट्विटर पर साझा की वैसे ही ‘लिबरल-सेक्युलर’ मीडिया ने ‘व्यथित कश्मीरी महिला’ पर ख़बर बनाना शुरू कर दिया। 

इसके बाद मामला जैसे ही वायरल हुआ तमाम सोशल मीडिया यूज़र्स भी कश्मीरी महिला के समर्थन में आगे आए और उस पर हमले और उसे आतंकवादी बुलाए जाने वाली बात का विरोध किया। क्योंकि पीड़िता ‘कश्मीरी महिला’ थी इसलिए वामपंथी लिबरल्स और इस्लामियों ने घटना पर रुदन और नैरेटिव स्थापित करना शुरू कर दिया।  

(साभार – Aisha Khan)
(साभार – Anoo Bhuyan)

सिर्फ वामी लिबरल्स और इस्लामी ही नहीं बल्कि दिल्ली महिला आयोग की मुखिया स्वाति मालीवाल जो कि ‘आप’ की नेता हैं, वह भी घटना का संज्ञान लेकर मामले में कूद पड़ी। उन्होंने कहा, “यह हैरान करने वाला और शर्मनाक है। दिल्ली महिला आयोग उनके संपर्क में है और जल्द ही इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी।” 

स्वाति मालीवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को सूचना भेजी कि वह मामले को अपने स्तर से देखें। भले नूर भट्ट ने अपनी मकान मालिक पर कई तरह के आरोप लगाए लेकिन इस मामले से संबंधित ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं जो इन आरोपों में विरोधाभास पैदा करते हैं। 

ऑपइंडिया से बात करते हुए तरुणा मखीजा (मकान मालिक) जिन पर नूर भट्ट ने मारपीट का आरोप लगाया, उन्होंने बताया कि लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। बल्कि कश्मीरी महिला का सही नाम नूर भट्ट है भी नहीं। ऑपइंडिया द्वारा खंगाली गई पासपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के अनुसार महिला का असल नाम फिज़ा मंज़ूर भट्ट है। इसके अलावा उसने अपना नाम नूर भट्ट भी रखा हुआ है। 

तरुणा मखीजा के मुताबिक़ फेमस्टे (Femstay) द्वारा संचालित आवासीय योजना में शयान मोहम्मद और फिज़ा मंज़ूर (नूर भट्ट) नाम के कश्मीरी युवाओं ने किराए पर घर लिया था। ऑपइंडिया द्वारा हासिल किये गए घर के अनुबंध (rent agreement) के अनुसार, नूर भट्ट ने अपनी बहन युहाना मंज़ूर और शयान के 2 जून 2020 से उस आवास में रह रहीं थी। इसका किराया 55 हज़ार रुपए महीना तय है।             

मखीजा ने आरोप लगाया कि दोनों बहनें पिछले 4 महीने से वहाँ रह रही थीं और कभी समय से किराया नहीं देती थीं। इसके अलावा उनका बर्ताव भी बहुत नकारात्मक था और उन्होंने हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में काफी उपद्रव किया था। इसके अलावा दोनों बहनों ने काम करने वाली मेड को उसके रुपए नहीं दिए उलटा उस पर चोरी का आरोप लगा दिया। इसके बाद मखीजा ने बताया दोनों बहनों ने पिछले कई महीनों से बिजली का बिल भी नहीं चुकाया है जो कि अब 70 से 75 हज़ार रुपए हो चुका है। इसके बाद उस घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया जिसके बाद उन्होंने बिजली की चोरी शुरू कर दी। 

तरुणा मखीजा ने यह भी बताया कि जब से इन कश्मीरी महिलाओं ने उनके अपार्टमेन्ट में रह रही हैं तब से उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा दोनों बहनों ने पूरी सोसाइटी में उत्पात मचा रखा था और तेज़ गाने बजाती थीं जिससे बाकी लोगों को परेशानी होती थी। मखीजा ने बताया, “हमें अक्सर शिकायत मिलती थी कि कश्मीरी बहनों के कई दोस्त वहाँ आते हैं और उनके हाथ में बंदूकें तक होती हैं। और तो और वह गोलीबारी भी करते थे। एक बार तो इन्होंने एक मेड की साइकल भी तोड़ दी थी।”

यह उन शिकायतों का स्क्रीन शॉट है जो पास में रहने वाले लोगों ने कश्मीरी बहनों के खिलाफ की है। शिकायत के अनुसार चौथी मंज़िल पर रहने वाली दोनों बहनों ने पास में काम करने वाली मेड की साइकल तोड़ दी थी।

नूर भट्ट के विरुद्ध की गई लोगों की शिकायत

तरुणा मखीजा के अनुसार दोनों कश्मीरी बहनें किराया देने के मामले में भी बेहद लापरवाह थीं। अगस्त महीने में उनसे किराया माँगने पर उनमें से एक युहाना ने शोषण का मामला दर्ज कराने की धमकी दी। इस स्क्रीनशॉट में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि नूर भट्ट की बहन युहाना ने तरुणा को गालियाँ दी शोषण का मामला दर्ज कराने की धमकी भी दी। 

कश्मीरी महिला और उनकी मकान मालिक के बीच बातचीत

इस तरह की तमाम शिकायतें मिलने के बाद मकान मालिक तरुणा माखीजा ने उन्हें बकाया राशि देकर घर खाली करने की बात कही। ऑपइंडिया से बात करते हुए तरुणा मखीजा ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने अमर कॉलोनी पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही करते हुए कहा कि वह इस मामले में समझौता कर लें। इसके बाद तरुणा मखीजा ने अमर कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत की जानकारी भी साझा की। 

इसके अलावा कश्मीरी बहनें बिजली के बिल का भुगतान भी नहीं करती थीं। दोनों को लगभग 62360 रुपए बिजली बिल का भुगतान करना था इसके बावजूद दोनों ने बिल का भुगतान करने से मना कर दिया था। नतीजतन बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन बंद कर दिया था। हैरानी की बात यह है कि दोनों बहनों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ हाथापाई भी की थी। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि बिजली का कनेक्शन काटने आए कर्मचारी को दोनों बहनें अपशब्द कहती हैं और उसके साथ धक्का-मुक्की करती हैं।  

दोनों बहनों के पास मकान मालिक तरुणा मखीजा पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत तक नहीं है। इसके अलावा ऑपइंडिया को एक और ऐसा वीडियो मिला है जिसे देख कर नूर भट्ट द्वारा लगाए गए आरोप और खोखले साबित होते हैं। 

इस वीडियो में मकान मालिक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कश्मीरी महिलाओं ने बिजली विभाग के कर्मचारी के साथ हाथापाई की। इसके बाद एक कश्मीरी युवा गुस्साते हुए कहता है, “क्या आप एक कश्मीरी छात्र को आतंकवादी कह रही हैं?” जबकि पूरे वीडियो में आतंकवादी जैसा कोई शब्द उपयोग नहीं किया गया है। यानी कश्मीरी महिलाओं ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किए। 

एक और वीडियो में देखा जा सकता है कि कश्मीरी महिलाओं के दोस्त तरुणा मखीजा द्वारा किराया माँगे जाने पर उनका मज़ाक बनाते हैं। 

इसके अलावा कश्मीरी महिलाओं ने आरोप लगाया कि मकान मालिक तरुणा मखीजा ने उनके साथ मारपीट की फिर दोनों ने अपनी चोट भी दिखाई। कश्मीरी महिलाओं का यह भी आरोप था कि तरुणा माखीजा ने उनका फर्नीचर भी ले लिया। इसके जवाब में तरुणा मखीजा का कहना था कि उन्होंने इस तरह की कोई हरकत नहीं की और अगर ऐसा है तो वह मेडिकल परीक्षण के लिए आगे आ सकती हैं। अभी नूर भट्ट का मेडिकल परीक्षण होना बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि फर्नीचर उनकी फर्म का है और उन्होंने कश्मीरी महिलाओं को सामान के साथ अपार्टमेन्ट किराए पर दिया था। 

एक और वीडियो में देखा जा सकता है कि कश्मीरी महिलाएँ शयान के साथ मिल कर सड़क पर उपद्रव कर रही हैं। इसके बाद दोनों ने आरोप लगाया कि बिजली और पानी नहीं होने की वजह से उनकी बिल्ली मर गई।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कश्मीरी बहनें मकान मालिक तरुणा मखीजा के साथ बिल के भुगतान मुद्दे पर बहस कर रही हैं। उनका कहना था कि उनकी बिल्ली मर गई इसलिए तरुणा मखीजा को खुश रहना चाहिए कि वह कुछ किराया तो दे रही हैं। 

इन सभी तस्वीरों और वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि कश्मीरी महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोप सच से काफी दूर हैं। बल्कि ऑपइंडिया को जितने दस्तावेज़ मिले हैं और आस-पास रहने वाले लोगों ने जो आरोप लगाए उसके आधार पर कश्मीरी महिलाओं ने सभी के साथ दुर्व्यवहार किया, तरुणा मखीजा के साथ अभद्रता की, किराए और बिल का भुगतान भी नहीं किया। 

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मकान मालिक तरुणा मखीजा का इस मुद्दे पर क्या कहना है। 

(नोट: हमने नूर भट्ट से भी बात करने का प्रयास किया लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनकी तरफ से जवाब मिलने के बाद उस पक्ष की ख़बर प्रकाशित की जाएगी)।                             

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुंगेर हत्याकांड: दो वीडियो जो बताते हैं कि गोली कब चली और लगातार कितनी चली

इसका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस फोर्स की टीम दौड़ती हुई नजर आती है और फिर गोलियों की आवाज सुनाई देती है।

हंसा रिसर्च ने ET की रिपोर्ट का नकारा, कहा- रिपब्लिक के साथ कोई बिजनेस डील नहीं, मुंबई पुलिस द्वारा फैलाया गया ‘सफेद झूठ’

“हंसा रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के साथ इसका कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं हुआ है और न ही चैनल को कोई भुगतान किया गया है और न ही इसे चैनल से प्राप्त किया गया है।"

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

प्रचलित ख़बरें

अपहरण के प्रयास में तौसीफ ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौसीफ ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौसीफ ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौसीफ बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौसीफ लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।
- विज्ञापन -

मुंगेर हत्याकांड: दो वीडियो जो बताते हैं कि गोली कब चली और लगातार कितनी चली

इसका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस फोर्स की टीम दौड़ती हुई नजर आती है और फिर गोलियों की आवाज सुनाई देती है।

हंसा रिसर्च ने ET की रिपोर्ट का नकारा, कहा- रिपब्लिक के साथ कोई बिजनेस डील नहीं, मुंबई पुलिस द्वारा फैलाया गया ‘सफेद झूठ’

“हंसा रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के साथ इसका कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं हुआ है और न ही चैनल को कोई भुगतान किया गया है और न ही इसे चैनल से प्राप्त किया गया है।"

चाय स्टॉल पर शिवसेना नेता राहुल शेट्टी की 3 गोली मारकर हत्या, 30 साल पहले पिता के साथ भी यही हुआ था

वारदात से कुछ टाइम पहले राहुल शेट्टी ने लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में अपनी जान को खतरा होने की जानकारी पुलिस को दी थी।

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

महिलाओं की ही तरह अकेले पुरुष अभिभावकों को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव: केंद्र सरकार का फैसला

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि जो पुरुष सरकारी कर्मचारी हैं और बच्चे का पालन अकेले कर रहे हैं, उन्हें अब चाइल्डकेयर लीव दी जाएगी।

फेक TRP स्कैम में मुंबई पुलिस द्वारा गवाहों पर दबाव बनाने वाले ऑपइंडिया के ऑडियो टेप स्टोरी पर CBI ने दी प्रतिक्रिया

कॉल पर पड़ोसी से बात करते हुए व्यक्ति बेहद घबराया हुआ प्रतीत होता है और बार-बार कहता है कि 10-12 पुलिस वाले आए थे, अगर ऐसे ही आते रहे तो.....

हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई धमाकों के आरोपितों तक: केंद्र ने UAPA के तहत 18 को घोषित किया आतंकी

सरकार द्वारा जारी इस सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी भी शामिल हैं। इसमें 26/11 मुंबई हमले में आरोपित आतंकी संगठन लश्कर का यूसुफ मुजम्मिल, लश्कर चीफ हाफिज सईद का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की...

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,357FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe