Homeदेश-समाजAK-47 मामले में दोषी पाए गए '$ड़ा की सरकार है' वाले लालू के विधायक,...

AK-47 मामले में दोषी पाए गए ‘$ड़ा की सरकार है’ वाले लालू के विधायक, 21 जून को सुनाई जाएगी सज़ा: लिपि सिंह ने की थी छापेमारी

अदालत अब 21 जून को अनंत सिंह के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। अनंत सिंह फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद हैं।

बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह के पैतृक आवास नदावां स्थित घर से एके 47 व हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में मंगलवार (14 जून 2022) को पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) विधायक अनंत सिंह को दोषी करार दे दिया गया है।

अदालत अब 21 जून को अनंत सिंह के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। अनंत सिंह फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह के घर से 16 अगस्त, 2019 को छापेमारी कर एके 47 राइफल, हैंड ग्रेनेड, कारतूस आदि बरामद किए थे। 

पुलिस के सर्च ऑपरेशन की अगुवाई करने वाली तत्कालीन एसपी लिपि सिंह का दावा था कि हथियार तस्करी की पुख्ता सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसकी जानकारी पटना की तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (अब अवकाश प्राप्त) गुप्तेश्वर पांडेय को भी दी गई थी। फुलप्रूफ तरीके से पुलिस ने सुबह-सुबह करीब चार बजे ही अनंत सिंह के घर छापेमारी कर दी थी।

छापेमारी के बाद बिहार पुलिस ने अनंत सिंह के पैतृक आवास के केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया था। इसकी सूचना मिलते ही बाहुबली विधायक अनंत सिंह फरार हो गए थे। हालाँकि, तीन से चार दिन बाद उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद बिहार पुलिस उन्हें बाढ ले आई थी। वह 2019 से ही पुलिस की गिरफ्त में हैं। 

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज त्रिलोकी नाथ दुबे की अदालत में सोमवार (13 जून, 2022) को कानूनी बिंदुओं पर सुनवाई पूरी होते ही फैसले के लिए 14 जून क तिथि सुनिश्चित कर दी थी। पुलिस ने बाढ़, मोकामा, पंडारक, एनटीपीसी, हाथीदह व बेलछी थानों की पुलिस ने नदावां गाँव में अनंत सिंह के घर से 16 अगस्त, 2019 को छापेमारी कर एके 47 राइफल, हैंड ग्रेनेड, कारतूस आदि बरामद किए थे। उक्त मामलों में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों से गवाही करवाई।

बचाव पक्ष ने 34 गवाहों से गवाही करवाई। अनंत सिंह अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके नाम से सोशल मीडिया पर कई मीम्स वायरल होते रहे हैं। नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ को लेकर ‘$%ड़ा की सरकार है’ वाला बयान देकर उन्होंने सुर्खियाँ बटोरी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का प्रोपेगेंडा फेल, श्रद्धालुओं की आस्था अटूट: आँकड़े बता रहे हैं कि अयोध्या में रामलला के दर्शन पर...

सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?

‘आप कौन हैं?’ वाला सवाल अरविंद केजरीवाल पर पड़ा भारी, AAP नेता को याद दिलाई गई उनके ‘भ्रष्टाचारों’ की गिनती: शायद इसीलिए ‘कर्मठ’ BJP...

केजरीवाल ने नितिन नवीन से पूछा कि आप कौन हैं? लेकिन केजरीवाल को उनकी यह टिप्पणी भारी पड़ गई क्योंकि दोनों की जीवनी देखें तो केजरीवाल का नितिन नवीन से यह सवाल पूछना बनता ही नहीं।
- विज्ञापन -