Friday, April 12, 2024
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अब पंजाब में संत की निर्मम तरीके से हुई हत्या, आश्रम से मिला महा योगेश्वर मुनि का सड़ा-गला शव

मामले को लेकर अब पुलिस जाँच में जुट गई है। पुलिस हत्या के पीछे आश्रम की भूमि पर कब्जे और उसमें चोरी की नीयत आदि पहलुओं को लेकर भी जाँच कर सकती है, क्योंकि आश्रम के पास तीन एकड़ की भूमि है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में एक के बाद एक संतों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बार खबर पंजाब से आई है, जहाँ एक संत की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। पुलिस ने संत महा योगेश्वर मुनि देशम का सड़ा-गला हुआ शव उनके ही आश्रम से बरामद किया है। योगेश्वर मुनि अग्नि अखाड़ा काली कमली वाले ऋषिकेश से जुड़े हुए थे। फिलहाल पंजाब पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

खबरों के मुताबिक पंजाब के काठगढ़ थाना क्षेत्र में स्वराज माजदा फैक्ट्री के सामने नूरपुरबेदी स्थित डेरा ऋषि मुनि देशम आश्रम में रविवार (17 मई, 2020) को संत महा योगेश्वर महाराज का शव मिला। इसकी जानकारी उस समय हुई कि जब पनियाली कलाँ का रहने वाला एक शिष्य जगदीश लाल आश्रम में उनके लिए भोजन लेकर पहुँचा था।

जगदीश लाल के मुताबिक वह आश्रम में पहुँचा तो उसे आश्रम के अंदर से बदबू आ रही थी, उसने अंदर जाकर देखा तो कमरे में सारा सामान बिखरा हुआ था, जबकि संत महाराज का शव सड़ा हुआ जमीन पर पड़ा हुआ था। इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।

कुछ ही देर में सूचना पर थाना काठगढ़ की पुलिस मौके पर पहुँची गई। इसके बाद पहुँची फारेंसिक टीम ने मौके से सबूत एकत्रित किए। इसी के साथ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस ने संत के भाई दिनेश कुमार के बयानों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। संत के भाई ने बताया कि लॉकडाउन और राज्य में लागू कर्फ्यू के कारण आश्रम पर श्रद्धालुओं का आवागमन बेहद कम हो गया था।

वहीं मामले को लेकर अब पुलिस जाँच में जुट गई है। पुलिस हत्या के पीछे आश्रम की भूमि पर कब्जे और उसमें चोरी की नीयत आदि पहलुओं को लेकर भी जाँच कर सकती है, क्योंकि आश्रम के पास तीन एकड़ की भूमि है।

थाना प्रभारी परमिंदर सिंह ने बताया कि संत का शव गल चुका था और यह कत्ल कुछ दिन पहले का हुआ था। लूटपाट से और दरवाजे की तोड़फोड़ से यह लुटेरों का काम लगता है। पुलिस ने संत के भाई के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया।

जानकारी के मुताबिक 85 वर्षीय संत अबदूत महायोगेश्वर पिछले 40 सालों से भी ज्यादा समय से इस आश्रम रह रहे थे, जो कि हिमाचल के जिला मंडी के सरकाघाट के रहने वाले थे। वह अग्नि अखाड़ा काली कमली वाले ऋषिकेश से जुड़े हुए थे।

आपको बता दें कि इससे पहले भी महाराष्ट्र के पालघर 16 अप्रैल, 2020 को 2 साधुओं सहित 3 लोगों की भीड़ द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना का वीडियो 3 दिन बाद सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसके बाद लोगों को सच्चाई पता चली थी।

संतों की मॉब लिंचिंग पर अखिल भारतीय संत समिति ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इसकी सीबीआई जाँच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।इसके बाद उत्तर प्रदेश में भी एक साधु की हत्या की गई। कुछ इसी तरह अब पंजाब में एक संत की हत्या की घटना सामने आई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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