Homeदेश-समाज1000 साल लगे, बाबरी मस्जिद वहीं बनेगी: SDPI नेता तस्लीम रहमानी ने कहा- अयोध्या...

1000 साल लगे, बाबरी मस्जिद वहीं बनेगी: SDPI नेता तस्लीम रहमानी ने कहा- अयोध्या पर गलत था SC का फैसला

“एक हजार साल भी अगर लग गया तो भी वहीं मस्जिद बनेगी। मैं फिर दोहरा रहा हूँ। मस्जिद थी, मस्जिद है, मस्जिद रहेगी।”

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के सचिव तस्लीम रहमानी ने अयोध्या में फिर से बाबरी मस्जिद बनाने की धमकी दी है। यह भड़काऊ टिप्पणी उन्होंने ज़ी न्यूज़ पर कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर चल रही डिबेट के दौरान अपने सह-पैनेलिस्ट के धमकी देते हुए की। रहमानी ने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद फिर से बनाई जाएगी, भले ही 1000 साल लगें।

एक तरफ जहाँ रहमानी ने कहा कि वह संविधान और सर्वोच्च न्यायालय में विश्वास रखते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल भी खड़ा कर दिया। तस्लीम रहमानी ने कहा, मस्जिद वहाँ थी, वहाँ है और वहीं रहेगी।” उसने कहा, “एक हजार साल भी अगर लग गया तो भी वहीं मस्जिद बनेगी। मैं फिर दोहरा रहा हूँ। मस्जिद थी, मस्जिद है, मस्जिद रहेगी।”

जब एंकर ने रहमानी को दोहरे मापदंड रखने के लिए लताड़ा तो उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में विश्वास रखते हैं, इसलिए उसके गलत फैसले को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा,” सुप्रीम कोर्ट को मानते हैं इसलिए तो गलत फैसले पर भी सब्र किया।”

बेंगलुरु दंगे में SDPI की भूमिका

गौरतलब है कि एसडीपीआई पर अगस्त में बेंगलुरु में हुए भयावह दंगों में शामिल होने का आरोप है।था। दंगों की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने भीड़ को उकसाने के लिए बेंगलुरु की सड़कों पर हिंसा भड़काने के लिए एसडीपीआई नेता मुज़म्मिल पाशा को गिरफ्तार किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -