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जम्मू-कश्मीर में आम ज़िन्दगी पटरी पर: आज घाटी के साथ जम्मू में भी कई मदरसों को खोल दिया गया

प्रशासन ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में दिन के समय में कोई पाबंदी नहीं रहेगी। साथ ही राज्य में माध्यमिक शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहेंगे। प्रशासन ने कश्मीर के ज्यादातर शहरी क्षेत्र से पाबंदी हटा ली हैं।

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने वाले अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के 15 दिन बाद बुधवार (अगस्त 21, 2019) को घाटी में कई सारे मदरसों को फिर से चालू कर दिया गया। इससे पहले राज्य के कई इलाकों में स्कूल-कॉलेजों को खोल दिया गया था। प्रशासन ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में दिन के समय में कोई पाबंदी नहीं रहेगी। साथ ही राज्य में माध्यमिक शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहेंगे। प्रशासन ने कश्मीर के ज्यादातर शहरी क्षेत्र से पाबंदी हटा ली हैं। जम्मू में मदरसों को भी फिर से चालू कर दिया गया है।

वहीं, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निष्क्रिय होने के बाद राज्य के बारामूला में मंगलवार (अगस्त 20, 2019) देर रात आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। हालाँकि, इस ऑपरेशन के दौरान एक एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) को भी अपनी जान गँवानी पड़ी। वैसे, आर्टिकल 370 के जम्मू-कश्मीर में निष्प्रभावी होने के बाद एनकाउंटर का यह पहला मामला था।

बता दें कि, राज्य प्रशासन ने प्रदेश के सभी स्कूलों-कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों को पहले ही खोलने के निर्देश जारी किए थे। प्रशासन ने बताया था कि कुल 190 स्कूलों को खोला जाएगा। गौरतलब है कि, 5 अगस्त को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने की घोषणा करने से पहले ही सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया था। इसके बाद से ही स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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