Friday, April 23, 2021
Home देश-समाज श्री जगन्नाथ मंदिर की 35000 एकड़ जमीन बेचे जाने पर आया प्रशासन का स्पष्टीकरण,...

श्री जगन्नाथ मंदिर की 35000 एकड़ जमीन बेचे जाने पर आया प्रशासन का स्पष्टीकरण, रिपोर्ट्स को बताया- भ्रामक और विकृत

SJTA ने इस संबंध में लगातार ट्वीट शेयर किए हैं। इसमें उन्होंने बताया कि मंदिर की जो जमीन लंबे समय से अलग-अलग लोगों के कब्जे में हैं, उसको लेकर साल 2003 में 'एकीकृत नीति' बनाई गई थी। अब उसी के अनुसार मंदिर कमेटी द्वारा जमीन का निपटान किया जा रहा है।

श्री जगन्नाथपुरी मंदिर की 35000 एकड़ जमीन से जुड़ी खबर वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन ने सामने आकर स्पष्टीकरण दिया है। प्रशासन ने बताया है कि मंदिर की भूमि बेचे जाने की खबरें पूर्ण रूप से फर्जी और प्रेरित हैं। इन्हें मीडिया में गलत तरह से रिपोर्ट किया गया।

पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर कार्यालय (SJTA) ने इस संबंध में लगातार ट्वीट शेयर किए हैं। इसमें उन्होंने बताया कि मंदिर की जो जमीन लंबे समय से अलग-अलग लोगों के कब्जे में हैं, उसको लेकर साल 2003 में ‘एकीकृत नीति’ बनाई गई थी। अब उसी के अनुसार मंदिर कमेटी द्वारा जमीन का निपटान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एकीकृत नीति का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ की जमीन की रक्षा करना था। अब तक 2001 से 2010 तक, 291 एकड़ भूमि का निपटान किया गया और 2011 से 2021 तक 96 एकड़ एकड़ भूमि का निपटान किया गया है। जमीन का उपयोग जनता के लाभ के लिए जैसे स्कूलों, मेडिकल कॉलेज, सड़कों आदि के रूप में किया गया।

SJTA ने कहा कि जगन्नाथ महाप्रभु की 35,000 एकड़ जमीन को बेचने की रिपोर्टिंग पूरी तरह से गलत और प्रेरित है। हम ओडिशा के लोगों और भगवान जगन्नाथ के लाखों भक्तों से ऐसी रिपोर्टिंग से गुमराह न होने का आग्रह करते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार और अन्य को सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए भूमि के आवंटन के बारे में निर्णय जगन्नाथ मंदिर समिति द्वारा लिया जाता रहा है।  

बता दें कि मंदिर प्रशासन की यह प्रतिक्रिया उन खबरों के जवाब में आई है जिसमें दावे किए जा रहे थे कि मंदिर 35000 एकड़ जमीन बेची जा रही है। दरअसल, मंगलवार को कानून मंत्री प्रताप जेना ने इस मामले पर बयान दिया था। उन्होंने बताया था कि पूर्व राज्यपाल बीडी शर्मा की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी और जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति से स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार ने मंदिर की 35,272 एकड़ जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा था कि भगवान जगन्नाथ के नाम पर 24 जिलों में 60,426 एकड़ जमीन की पहचान की गई है, ये जमीनें पूरे राज्य में फैली हैं। इनमें करीब 395 एकड़ बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आँध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में है। इन जमीनों में से अबतक मंदिर प्रशासन द्वारा 34,876 एकड़ जमीन पर सफलतापूर्वक दावा किया जा चुका है, इनके फंड मंदिर में जमा करवाए जाएँगे।

उल्लेखनीय है कि इस खबर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ ही हिंदुओं मंदिर और उनपर सरकार के नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो गई थी। मंदिर से जुड़ी इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि जिन लोगों ने 30 साल से अधिक समय से मंदिर की जमीन का अतिक्रमण किया है, वे रुपए देकर भूमि पर कब्जा कर सकते हैं। 30 साल से कम और 20 साल से ज्यादा रहने वाले लोग 9 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से ले सकते हैं। ऐसे ही 20 से भी कम लेकिन 12 साल से ज्यादा रहने वालों को 15 लाख रुपए देकर जमीन का अधिकार मिल जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Remdesivir के नाम पर अकाउंट में पैसे मँगवा गायब हो रहे धोखेबाज, सिप्ला ने चेतायाः जानें ठगी से कैसे बचें

सिप्ला ने 'रेमडेसिविर' के नाम पर लोगों के साथ की जा रही धोखाधड़ी को लेकर सावधान किया है।

बंगाल में रैली नहीं, कोरोना पर हाई लेवल मीटिंग करेंगे PM मोदी; पर क्या आप जानते हैं रिव्यू मीटिंग में कितनी बार शामिल हुईं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अप्रैल की बंगाल की रैली कैंसिल कर दी है, जबकि इसी दिन ममता बनर्जी चार रैलियों को संबोधित करेंगी।

बॉर्डर पर इफ्तार पार्टी और किसान संक्रमित हुए तो केंद्र जिम्मेदार: वैक्सीन ले दोहरा ‘खेला’ कर रहे राकेश टिकैत

कोरोना की भयानक आपदा के बीच BKU के प्रवक्ता और स्वयंभू किसान नेता राकेश टिकैत का इफ्तार पार्टी करते वीडियो सामने आया है।

आप मरिए-जिन्दा रहे प्रोपेगेंडा: NDTV की गार्गी अंसारी ऑक्सीजन उत्पादन के लिए प्लांट खोलने की बात से क्यों बिलबिलाई

वामपंथियों को देखकर लगता है कि उनके लिए प्रोपेगेंडा मानव जीवन से ज्यादा ऊपर है। तभी NGT की क्लीयरेंस पाने वाले प्लांट के खुलने का विरोध कर रहे।

4 घंटे का ऑक्सीजन बचा है, 44 घंटों का क्यों नहीं? क्यों अंत में ही जागता है अस्पताल और राज्य सरकारों का तंत्र?

"केंद्र सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर को लेकर राज्यों को आगाह नहीं किया। यदि आगाह कर देते तो हम तैयार रहते।" - बेचारे CM साब...

जहाँ ‘खबर’ वहीं द प्रिंट वाले गुप्ता जी के ‘युवा रिपोर्टर’! बस अपना पोर्टल पढ़ना और सवाल पूछना भूल जाते हैं

कोरोना का ठीकरा मोदी सरकार पर फोड़ने पर अमादा शेखर गुप्ता के 'द प्रिंट' ने नया कारनामा किया है। प्रोपेगेंडा के लिए उसने खुद को ही झूठा साबित कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

सीताराम येचुरी के बेटे का कोरोना से निधन, प्रियंका ने सीताराम केसरी के लिए जता दिया दुःख… 3 बार में दी श्रद्धांजलि

प्रियंका गाँधी ने इस घटना पर श्रद्धांजलि जताने हेतु ट्वीट किया। ट्वीट को डिलीट किया। दूसरे ट्वीट को भी डिलीट किया। 3 बार में श्रद्धांजलि दी।

‘प्लाज्मा के लिए नंबर डाला, बदले में भेजी गुप्तांग की तस्वीरें; हर मिनट 3-4 फोन कॉल्स’: मुंबई की महिला ने बयाँ किया दर्द

कुछ ने कॉल कर पूछा क्या तुम सिंगल हो, तो किसी ने फोन पर किस करते हुए आवाजें निकाली। जानिए किस प्रताड़ना से गुजरी शास्वती सिवा।

पाकिस्तान के जिस होटल में थे चीनी राजदूत उसे उड़ाया, बीजिंग के ‘बेल्ट एंड रोड’ प्रोजेक्ट से ऑस्ट्रेलिया ने किया किनारा

पाकिस्तान के क्वेटा में उस होटल को उड़ा दिया, जिसमें चीन के राजदूत ठहरे थे। ऑस्ट्रेलिया ने बीआरआई से संबंधित समझौतों को रद्द कर दिया है।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,826FansLike
83,300FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe