शर्मिदा हूॅं, गंदी बात सहित हर आरोप कबूल: एसआईटी से चिन्मयानन्द

अपने ही लॉ कॉलेज की छात्रा के यौन उत्पीड़न का आरोपी है पूर्व गृह राज्य मंत्री। अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस ने मामले की जॉंच में कोताही के आरोपों को नकारा।

यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामलों में घिरे भाजपा नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द ने लगभग सारे आरोप कुबूल कर लिए हैं। मामले की जाँच कर रही एसआईटी का दावा है कि अश्लील वार्तालाप और मसाज सहित लगभग सभी आरोपों को स्वीकारते हुए चिन्मयानन्द ने इनके बारे में विस्तार से बताने से मना किया है, क्योंकि उसे अपने किए पर शर्म आ रही है।

शाहजहांपुर की स्थानीय अदालत ने स्वामी चिन्मयानन्द को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उस पर अपने लॉ कॉलेज की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। चिन्मयानन्द पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह राज्यमंत्री था।

उत्तरा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के मुताबिक पुलिस द्वारा मामले में बिलकुल कोताही या देरी नहीं बरती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश होते ही एसआईटी का गठन हो गया और जाँच पूरी कर पुलिस ने स्वामी चिन्मयानन्द को उनके आश्रम से गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया। इसके अलावा उनके द्वारा लगाए गए धमकी और वसूली के मामले में भी पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है।

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इसके अलावा मीडिया से बात करते हुए SIT के प्रमुख नवीन अरोड़ा ने दावा किया कि एसआईटी चिन्मयानन्द के इकबालनामे के बाद भी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जाँच कर रही है।

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