कमलेश तिवारी हत्याकांड: फरार हत्यारे मोइनुद्दीन और अशफ़ाक़ गुजरात-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ़्तार, देखें Video

गुजरात एटीएस के फिजिकल और टेक्निकल सर्विलांस के ज़रिए इन दोनों के रिश्तेदारों और करीबियों पर कड़ी निगरानी रखने से ही गिरफ़्तारी सम्भव हो पाई। एटीएस के अनुसार दोनों ही आरोपित पाकिस्तान भागने की फ़िराक में थे।

अभी-अभी आ रही जानकारी के अनुसार कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों आरोपित मोईनुद्दीन और अशफाक पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। दोनों को गुजरात पुलिस के एटीएस ने गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर गिरफ्तार कर लिया और लखनऊ पुलिस ने दोनों को सीजेएम की अदालत में पेश किया। उन दोनों और बाकी आरोपितों फैजान, राशिद पठान और मौलाना मोहसिन शेख सलीम की न्यायिक रिमांड अदालत ने पुलिस को अगले 5 दिन के लिए सौंप दी है।

देखें गिरफ़्तारी का वीडियो:

एक प्रेस नोट में मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया गया कि मोईनुद्दीन और अशफाक दोनों ही सूरत के रहने वाले थे और अपने साथ लाया हुआ पैसा खत्म हो जाने के बाद परिवार और दोस्तों से आर्थिक सहायता लेने की कोशिश कर रहे थे। गुजरात एटीएस के फिजिकल और टेक्निकल सर्विलांस के ज़रिए इन दोनों के रिश्तेदारों और करीबियों पर कड़ी निगरानी रखने से ही गिरफ़्तारी सम्भव हो पाई। एटीएस के अनुसार दोनों ही आरोपित पाकिस्तान भागने की फ़िराक में थे। दोनों से हुई प्राथमिक पूछताछ में एक बार फिर कमलेश तिवारी के विवादित बयान के ही हत्या के पीछे होने के शक की एक बार और पुष्टि हो गई है। दोनों को शामलाजी के पास से हिरासत में लिया गया है।

गिरफ़्तारी के बाद जारी प्रेस नोट
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बता दें कि आरोपितों की गिरफ्तारी से पहले एसआईटी ने सोमवार को दोनों की तलाश में कई होटलों, लॉज और मदरसों में छापेमारी की थी, लेकिन उन्हें नहीं पकड़ सकी। हालाँकि, सभी आने-जाने वाले मार्गो पर अलर्ट जारी कर दिया गया था। दोनों हत्यारों पर अलग-अलग 2.5 लाख रुपए का इनाम घोषित करने के अलावा पुलिस ने दोनों के फोटोग्राफ्स भी जारी कर दिए थे। बता दें कि कमलेश तिवारी की हत्या 18 अक्टूबर को लखनऊ में की गई थी।

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