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जिनके परदादा ने रखी थी UCO बैंक की नींव, आज वही घोषित हुए विलफुल डिफॉल्टर

नोटिस मिलने के बाद भी जब कंपनी ने कर्ज नहीं चुकाया तो बैंक ने निदेशक, प्रमोटर और गारंटर को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया।

बिड़ला सूर्या लिमिटेड के निदेशक यशोवर्धन बिड़ला को यूको बैंक ने रविवार (जून 17, 2019) को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया। बिड़ला सूर्या लिमिटेड पर बैंक का 67.55 करोड़ रुपया बकाया है। यूको बैंक द्वारा दी गई सार्वजनिक सूचना में यशोवर्धन बिड़ला की तस्वीर भी प्रकाशित की गई।

नोटिस में बैंक ने बताया कि बिड़ला सूर्या लिमिटेड को मुंबई के नरीमन प्वाइंट कॉरपोरेट ब्रांच से 100 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिमिट दी गई थी। इसमें 67.55 करोड़ का ब्याज न चुका पाने के कारण कंपनी को 3 जून को एनपीए घोषित कर दिया था। लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी जब कंपनी ने कर्ज नहीं चुकाया तो बैंक ने निदेशक, प्रमोटर और गारंटर को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया।

बता दें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार विलफुल डिफॉल्टर को बैंकों या वित्तीय संस्थानों की ओर से किसी प्रकार का कोई कर्ज नहीं दिया जाता। इसके अलावा कंपनी पर पाँच साल तक नए उद्यम लाने पर रोक लग जाती है। कर्जदाता कंपनी या फिर डायरेक्टर्स के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर सकते हैं।

जानने वाली बात ये है कि यूको बैंक की स्थापना यशोवर्धन के परदादा घनश्याम दास बिड़ला ने की थी। घनश्याम दास बिड़ला महात्मा गाँधी के भी करीब थे। उनका परिवार देश के प्रमुख औद्योगिक परिवारों में गिना जाता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए गांधीजी के आह्वान के बाद आर्थिक मदद भी दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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