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भगोड़ी शाइस्ता परवीन अब ‘माफिया घोषित’: जब दफन हुआ अतीक अहमद तब प्रयागराज में ही थी, जानिए कैसे फेल हो गया कब्रिस्तान पहुँचने का प्लान

अतीक अहमद की हत्या के अगले दिन शाइस्ता और उसका शूटर साबिर वेश बदल कर प्रयागराज आए थे। उनके रुकने का इंतज़ाम आतिन जफ़र ने अपने घर पर करवाया था। शाइस्ता अपने शौहर अतीक के जनाजे में शामिल होना चाहती थी, लेकिन पुलिस की सरगर्मी देख उसने प्लान बदल लिया।

उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रही शाइस्ता परवीन को अब यूपी पुलिस ने ‘माफिया’ घोषित कर दिया है। यह जानकारी भी सामने आई है कि जिस दिन उसके शौहर अतीक अहमद और देवर अशरफ को दफनाया गया, वह प्रयागराज में ही थी। जनाजे में शामिल होने के लिए उसने हुलिया बदला था। शूटर साबिर को साथ रखा था। लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण कब्रिस्तान पहुँचने का उसका प्लान फेल हो गया।

उसे शरण देने के आरोप में मोहम्मद आतिन को गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में प्रयागराज के धूमनगंज थाने में FIR दर्ज की गई है। इसमें शाइस्ता को ‘माफिया अपराधी’ बताया गया है। 2 मई 2023 को यह एफआईआर SHO धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने दर्ज करवाई थी।

एफआईआर में एसएचओ ने बताया है कि दो मई को वह अपनी टीम के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान एक मुखबिर से प्रयागराज के ही खुल्दाबाद के रहने वाले मोहम्मद आतिन जफर द्वारा शाइस्ता परवीन को शरण दिए जाने की जानकारी मिली। आतिन का अब्बा जफ़र उल्ला इस समय अतीक के बेटे उमर अहमद के साथ लखनऊ जेल में बंद है। वह अतीक अहमद का पुराना सहयोगी रहा है।

FIR कॉपी का अंश

FIR में बताया गया है कि 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद की हत्या होने के अगले दिन शाइस्ता और उसका शूटर साबिर वेश बदल कर प्रयागराज आए थे। उनके रुकने का इंतज़ाम आतिन जफ़र ने ही अपने घर पर करवाया था। शाइस्ता अपने शौहर अतीक के जनाजे में शामिल होना चाहती थी, लेकिन पुलिस की सरगर्मी देख उसने प्लान बदल लिया। 17 अप्रैल को शाइस्ता और साबिर आतिन के घर से कहीं और चले गए।

FIR में इस बात का भी जिक्र है कि 2 मई को शाइस्ता द्वारा शूटर साबिर को फिर से मोहम्मद आतिन के घर भेजने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन साबिर भाग निकला। मोहम्मद आतिन को पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने आतिन का मोबाइल जब्त कर लिया है। आतिन पर अपराधी को शरण देने की धारा IPC 216 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल की हत्या उनके घर के पास कर दी गई थी। शाइस्ता और शाबिर दोनों उमेशपाल की हत्या में वांछित हैं। दोनों पर पुलिस ने 5-5 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को 3 शूटरों ने पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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