अमेरिका ने ओमान तट के पास कमर्शियल टैंकर पर किया हमला, 3 भारतीय क्रू मेंबर्स लापता: भारत ने US के राजनयिक को किया तलब

भारत ने ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेट्टेबेलो (Settebello) पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस मामले को लेकर अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मिक्स को तलब किया है और उन्हें डिमार्श जारी किया है। हमले के बाद तीन भारतीय क्रू मेंबर लापता हैं।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, 21 भारतीयों को बचा लिया गया है, विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने टैंकर पर हुए हमले के विरोध में शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को तलब करने की बात कही।

ईरानी बंदरगाहों पर मौजूद जहाजों पर US की कार्रवाई से तनाव बढ़ गया है। भारतीय क्रू मैंबर्स के पलाऊ के झंडे तले टैंकर पर यह दूसरा ऐसा हमला है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के एक बयान के मुताबिक, जहाज सेट्टेबेलो पर 10 जून को हमला हुआ था। ओमान के समुद्र में भारत की तरफ से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जिसमें ओमान मदद कर रहा है।

MEA ने कड़े शब्दों में एक बयान में कहा, “हम आज सुबह ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेट्टेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं।”

बयान में आगे कहा गया, “इस इलाके में जहाजों पर हमलों की लगातार घटनाएँ चिंता का विषय हैं। यह इस इलाके में चल रहे संघर्ष का नतीजा है। हम तनाव को तुरंत कम करने और डिप्लोमैटिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने की अपनी माँग करते हैं, ताकि इस इलाके में शांति और स्थिरता लौट सके। इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और इंटरनेशनल कानून के मुताबिक इंटरनेशनल जलमार्गों के जरिए फ्री और बिना रुकावट के नेविगेशन और कॉमर्स को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।”

विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को भी बुलाया और एक डेमार्श सौंपा। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है और अमेरिका की तरफ से तुरंत सफाई माँगी है।

भारत ने तनाव कम करने, कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा और इंटरनेशनल समुद्री रास्तों पर सुरक्षित नेविगेशन फिर से शुरू करने की अपनी बात दोहराई।

पलाऊ के झंडे वाले एक और टैंकर MT Marivex पर US के हमले के कुछ दिनों बाद दूसरी बार ये हमला हुआ है। पहली बार हुए हमले में ओमानी सेना ने सभी 24 भारतीय क्रू मेंबर्स को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक बचा लिया था। बार-बार हो रहे हमलों ने ओमान की खाड़ी में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।