‘मुस्लिम खाते हैं गौमांस, मुझे हिंदू धर्म पसंद है’: आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की कथा में परवीन ने 2 बच्चों संग की सनातन में घर वापसी, बोली- अपनी मर्जी से लिया फैसला

महाराष्ट्र के गोदिया के आमगाँव में परवीन नाम की मुस्लिम महिला ने अपने बेटे-बेटी के साथ सनातन धर्म अपना लिया। आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री की कथा के चौथे दिन उसे मंच पर बुलाया गया।

इस दौरान आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने घर वापसी के लिए नहीं कहा, बल्कि नोटरी के शपथ पत्र और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के कागजात अपने साथ लेकर महिला आई है। महिला ने मंच पर जयकारे भी लगाए और कहा कि वह माँ काली और महाकाल की भक्त हैं।

सनातनी बनने के बाद परवीन मौमिन शेख अब जया जैकी दास बन गई है। बेटी जुमेरा मौमिन शेख का नाम जयश्री जैकी दास और बेटे रजा मौमिन शेख का नाम राजू जैकी दास हो गया है। महिला का कहना है कि आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री का वीडियो देख कर उसे सनातनी बनने की इच्छा हुई।

वो कई महीनों से वीडियो देखती है। उसे पता चला कि आमगाँव में आचार्य की कथा हो रही है, इसका उसे पता चला। उन्होंने खुद संपर्क किया और यहाँ पहुँच गई।

जया जैकी दास के मुताबिक, हिन्दू धर्म उसे अच्छा लगता है। उसने अपनी मर्जी से हिन्दू धर्म अपनाया है। महिला का कहना है कि उसे गाय का मटन खाना पसंद नहीं है। मुस्लिम गाय का माँस खाते हैं और उसे भी पहले खाने के लिए कहा जाता था, लेकिन वह शुरू से माँस खाना नहीं चाहती थी।

महिला माँ काली की भक्त रही है और अब उसका बेटा भी माँ काली की नियमित पूजा करता है। महिला का कहना है कि वह चाहती है कि मरने के बाद उसे दफनाया न जाए, बल्कि उसका दाह-संस्कार किया जाए।