अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में तालिबान शासन के तहत एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 13 साल के लड़के ने अपने परिवार के 13 सदस्यों की हत्या करने वाले आरोपित मंगल को स्टेडियम में सार्वजनिक रूप से गोली मार दी। यह सजा अफगान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तालिबान प्रमुख हिबतुल्लाह अखुंदजादा की मंजूरी से दी गई।
इस सजा-ए-मौत को देखने के लिए करीब 80,000 लोग जमा हुए थे। पीड़ित परिवार ने माफी का विकल्प ठुकरा दिया और किसास (प्रतिशोध) के तहत सजा को अंजाम दिया।
मंगल पर करीब 10 महीने पहले अली शिर और तेरेजियो इलाकों में अब्दुल रहमान समेत उनके परिवार के 9 बच्चों समेत 13 सदस्यों की हत्या का आरोप था। निचली अदालत, अपील अदालत और सुप्रीम कोर्ट ने उस पर दोष सिद्ध किया। उसके बाद स्टेडियम में पाँच गोलियाँ चलाई गईं और भीड़ ने नारे लगाए। तालिबान ने इसे ‘दिव्य आदेश’ बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और शरिया लागू करने की दुआएँ कराई।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने इसे ‘अमानवीय, क्रूर और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ’ कहा है। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक सजाओं पर रोक लगाने की माँग की। मानवाधिकार संगठनों ने तालिबान की अदालतों में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी की आलोचना की। यह 2021 में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद 11वीं या 12वीं ऐसी न्यायिक सजा है।
गौरतलब है कि तालिबान ने 1990 के दशक जैसी सख्त शरिया प्रथा फिर शुरू की है, जिसमें सार्वजनिक फाँसी, कोड़े और गोली मारना शामिल हैं। खोस्त पुलिस ने मंगल की पहचान की और कहा कि सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी हुईं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से वैश्विक चिंता बढ़ी है।

