SHO के पिस्तौल तानने वाले अधूरे वीडियो से अखिलेश यादव ने गढ़ा फर्जी नैरेटिव, छिपाई सपाइयों की गुंडई: जानें अलीगढ़ में सपा के प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में किया जा रहा था। प्रदर्शन का एक वीडियो सामने आ रहा है, जिसमें थानाअध्यक्ष (SHO) के हाथ में पिस्तौल दिखाई दे रही है।

इस वीडियो को शेयर करते हुए सपाइयों ने यूपी पुलिस की प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता का राग अलापा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को अपने एक्स अकाउंट से शेयर किया। उन्होंने लिखा, “पिस्तौल निकालने वाले ये भूल गए कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती। विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।”

हैरानी की बात यह है कि सपाई जिस वीडियो के हवाले से यूपी पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं, वह अधूरी वीडियो है। वीडियो में पुलिस अधिकारी के हाथ में पिस्तौल की वजह क्या है, यह भी जानने की कोशिश नहीं की गई, केवल अधूरी वीडियो के साथ एक नैरेटिव गढ़ा गया और उसे ही आगे हवा दी गई। लेकिन हम आपको इस वीडियो की पूरी सच्चाई बताएँगे।

क्या है पिस्तौल तानने की पूरी सच्चाई?

दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 15 जुलाई को रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया, इन इमारतों को बिना अनुमति के बनाया गया था।

इसी आदेश के विरोध में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को अलीगढ़ कलेक्ट्रेट पर सपा कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार और रामपुर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट के बाहर पीएम मोदी का पुतला जलाने की कोशिश की गई।

अलीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पुतला दहन से रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा अभद्रता की गई। इस प्रकरण का पूरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ सपा कार्यकर्ता SHO को धक्का देते नजर आ रहे हैं।

वीडियो में दिख रहा है कि सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ ने पुलिस अधिकारियों को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। तभी सिविल लाइन थाने के SHO सतवीर सिंह ने भीड़ को काबू करने के लिए सर्विस पिस्टल से डराने की कोशिश की।

पुलिस ने इस संबंध में कुछ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। इस मामले में गोपाल नाम के एक सपा कार्यकर्ता को पुलिस गिरफ्तार भी कर चुकी है।