आतंकी संगठन अलकायदा ने चीन में उइगर मुस्लिमों को लेकर बर्ताव के संबंध में चीन को धमकी दी है। अलकायदा ने कहा कि अगर चीन ने अपना रुख नहीं बदला तो उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। जमीन और समुद्र दोनो जगह पर चीन के खिलाफ कार्रवाई की भी धमकी दी।
यहूदियों पर हमले का मजाक उड़ाते हुए अलकायदा के चीफ आतेफ अल-अव्लाकी ने टेलीग्राम चैनल के जरिए एक बयान जारी कर चीन को यह धमकी दी है। बयान में कहा गया कि उइगर मुस्लिमों के प्रति चीन की नीतियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अलकायदा का बयान
अल-अव्लाकी ने बयान जारी कर कहा, “आपने और मैंने दुनियाभर में यहूदियों और अमेरिकियों पर हुए सैन्य अभियानों के बारे में पढ़ा है.. और मैं इस दुनिया के हर बहादुर आदमी के लिए दुआ करता हूँ कि जहाँ भी ये दोहरी बुराई (यहूदी और अमेरिकी) मौजूद हों, उन्हें सफलता मिले। वे बुराई, सार और धरती के जल को समझते हैं, वे खुद बुराई और जल हैं।”
बयान में आगे कहा गया, “चीनी विदेशियों की व्यवस्था पर हम उन सभी कार्यों से अच्छी तरह वाकिफ हैं जो मुस्लिमों के अनुयायियों के खिलाफ किए जा रहे हैं, और हमने उन्हें नहीं देखा है। आज हम उन सभी चीजों को गिन रहे हैं जो उनके प्रति हो रही हैं और हमने उनका पालन किया है दिन के अंत तक, हम अच्छे लोगों को देख रहे हैं और हम उनके करीब आ रहे हैं।”
चीन में उइगर मुस्लिमों का हाल
चीनी सरकार ने अपने कम्युनिस्ट नीतियों के तहत शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यक के खिलाफ कई कठोर कदम उठाए हैं। दस्तावेजों और रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने लगभग 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को डिटेंशन सेंटर केंद्रों में कैद कर रखा है, जहाँ उन्हें री-एजुकेशन के नाम पर रखा जाता है।
इन केंद्रों में कई को प्रतिबंधित किया गया है और उन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन जैसे जबरन धर्म परिवर्तन, धार्मिक गतिविधियों पर रोक और सांस्कृति पहचान को दबाने के आरोप लगे हैं। चीन ने उइगर भाषा को स्कूलों से हटा दिया है और जहाँ केवल चीनी भाषा को मानक शिक्षा के रूप में लागू किया है।

