इलाहाबाद HC ने राहुल गाँधी के खिलाफ FIR पर आदेश टाला, ब्रिटिश नागरिकता मामले में दिया पक्ष रखने का मौका: लोअर कोर्ट ने खारिज की थी याचिका

लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाई कोर्ट की बेंच ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिकता मामले में FIR दर्ज कराने से जुड़े आदेश को फिलहाल टाल दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को दिए गए अपने पूर्व आदेश पर पुनर्विचार करते हुए कहा कि बिना विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी किए इस मामले में फैसला करना उचित नहीं होगा।

जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने अपने आदेश में कहा कि कि राहुल गाँधी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना जरूरी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को होगी। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और अन्य पक्षों से पूछा गया था कि क्या नोटिस जारी करना आवश्यक है, जिस पर सभी ने इसकी आवश्यकता से इनकार किया था।

बाद में एक पूर्ण पीठ के फैसले पर गौर करने के बाद कोर्ट ने अपना रुख बदला। इस फैसले में कहा गया था कि ऐसे मामलों में आरोपित को सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। यह याचिका BJP कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दायर की है, जिसमें राहुल गाँधी पर ब्रिटेन की कंपनी ‘बैकऑप्स लिमिटेड’ में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताने का आरोप लगाया गया है।

इससे पहले लखनऊ की विशेष MP-MLA कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था, जिसके बाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई।