दुनिया के प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने बड़े पैमाने पर छँटनी की। कंपनी ने अपने 30 प्रतिशत कर्मचारियों को निकाल दिया। इसमें 300 से ज्यादा पत्रकार शामिल हैं। इन्हीं में कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर का भी नाम है। उनकी भी नौकरी चली गई है।
नौकरी चली जाने के बाद ईशान थरूर ने कंपनी में अपनी डेस्क का फोटो शेयर कर कहा– एक बुरा दिन। साथ ही अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक भावुक पोस्ट कर लिखा, “आज वॉशिंगटन पोस्ट से मुझे नौकरी से हटा दिया गया है। मेरे साथ-साथ इंटरनेशनल टीम के ज्यादातर लोग और कई शानदार सहकर्मी भी प्रभावित हुए हैं। हमारा न्यूजरूम टूट रहा है और खासतौर पर उन बेहतरीन पत्रकारों के लिए दिल बहुत दुखी है, जिन्होंने पोस्ट के लिए दुनियाभर में रिपोर्टिंग की। वे एडिटर औऱ संवाददाता, जो करीब 12 साल से मेरे दोस्त और साथी रहे हैं।”
I have been laid off today from the @washingtonpost, along with most of the International staff and so many other wonderful colleagues. I’m heartbroken for our newsroom and especially for the peerless journalists who served the Post internationally — editors and correspondents…
— Ishaan Tharoor (@ishaantharoor) February 4, 2026
उन्होंने आगे लिखा, “उनके साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात रही है। जनवरी 2017 में मैंने WorldView कॉलम की शुरुआत की थी, ताकि पाठक दुनिया को और उसमें अमेरिका की भूमिका को बेहतर ढंग से समझ सकें। इन सालों में हफ्ते में कई बार इस कॉलम को पढ़ने वाले करीब पाँच लाख वफादार पाठकों का मैं दिल से आभारी हूँ।”
वॉशिंगटन पोस्ट ने 300 पत्रकारों को नौकरी से निकाला
दरअसल, बुधवार (04 फरवरी 2026) को वॉशिंगटन पोस्ट ने छँटनी कर अपने 30 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इसका सबसे ज्यादा असर अखबार के स्पोर्ट्स, लोकल न्यूज और इंटरनेशनल कवरेज पर पड़ा है। न्यूजरूम के 800 पत्रकारों में से 300 से ज्यादा पत्रकारों की छँटनी की गई।
वॉशिंगटन पोस्ट के कार्यकारी संपादक मैट मुरे ने कहा कि छँटनी से ‘स्थिरता’ आएगी। लेकिन इस घोषणा की अखबार के कर्मचारियों और कुछ पूर्व अमेरिकी नेताओं ने कड़ी निंदा की, जिनमें से एक ने इसे प्रतिष्ठित अखबार के ‘इतिहास के सबसे काले दिनों’ में से एक बताया।
लोगों का कहना है कि ये छँटनी दिखाती है कि इंटरनेट पर सामान बेचकर दुनिया के सबसे अमीर लोगों में जगह बनाने वाले जेफ बेजोस, अब तक इंटरनेट पर मुनाफे वाला अखबार चलाने का सही तरीका नहीं ढूँढ पाए हैं। उनके मालिक बनने के शुरुआती 8 सालों में अखबार का विस्तार हुआ था, लेकिन हाल के समय में कंपनी की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

