भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसने राज्य प्रायोजित आतंकवाद (State-Sponsored Terrorism) को नहीं रोका, तो उसे अपने देश के अस्तित्व पर भी विचार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे पर बने रहना है, तो उसे आतंकवाद का समर्थन तुरंत बंद करना होगा।
VIDEO | Anupgarh, Rajasthan: Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "This time we will not maintain the restraint that we did in Operation Sindoor 1.0… this time we will do something that Pakistan will have to think whether it wants to be in Geography or not. If… pic.twitter.com/YXoHUL7xKv
— Press Trust of India (@PTI_News) October 3, 2025
जनरल द्विवेदी राजस्थान के अनूपगढ़ में जवानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “भारत एक देश के रूप में पूरी तरह से तैयार है। इस बार हम पहले की तरह संयम नहीं बरतेंगे, जैसा ऑपरेशन सिंदूर 1.0 में किया गया था। इस बार पाकिस्तान को खुद सोचना पड़ेगा कि वो इतिहास, भूगोल में रहना चाहता है या नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर हालात बनते हैं, तो सेना के जवानों को जल्द ही कार्रवाई का मौका मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट रुप से कहा, “अगर ईश्वर ने चाहा तो आपको जल्द ही अवसर मिलेगा। शुभकामनाएँ।”
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर जैसा बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। जनरल द्विवेदी ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया, जिनमें से 7 पर थलसेना और 2 पर वायुसेना ने हमले किए।
उन्होंने कहा कि भारत ने इस अभियान के जरिए दुनिया को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों के पक्के सबूत भी दिखाए। अगर भारत ने ये सबूत साझा नहीं किए होते, तो पाकिस्तान दुनिया की नजरों में इनकी सच्चाई को छिपा लेता।
सेना प्रमुख की इस सख्त चेतावनी से पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जानकारी दी थी कि मई में हुए इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 4-5 लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिनमें अमेरिका के बनाए गए F-16 और चीन के JF-17 फाइटर जेट शामिल थे।
एक सवाल के जवाब में जनरल द्विवेदी ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग केवल आम नागरिक नहीं, बल्कि हमारे सह-युद्ध सैनिक हैं। उन्होंने कहा, “वे हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। आने वाला संघर्ष सिर्फ सेना का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का है।”

