असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार (09 अप्रैल 2026) को एक चरण में मतदान संपन्न हो गया। शाम 6 बजे मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी ईवीएम मशीनें सील कर दी गईं।
तीनों राज्यों में अच्छी वोटिंग हुई और कहीं से कोई बड़ी घटना की खबर नहीं आई। चुनाव आयोग के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार पुडुचेरी में सबसे ज्यादा 89.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। असम में 85.04 प्रतिशत और केरल में 77.38 प्रतिशत वोट पड़े। तीनों जगहों पर इसे अच्छा मतदान माना जा रहा है।

असम में इस बार 85.04 प्रतिशत मतदान के साथ 2021 के 82.04 प्रतिशत रिकॉर्ड को तोड़ दिया गया। राज्य की सभी 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। 35 जिलों में कुल 31490 मतदान केंद्र बनाए गए थे। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान चला।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 1.5 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे। संवेदनशील केंद्रों पर माइक्रो-ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए। अलग-अलग सीटों पर वोटिंग प्रतिशत अलग-अलग रहा। दलगांव में सबसे ज्यादा 94.57 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि अमरी में सबसे कम 70.40 प्रतिशत वोट पड़े। बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है तो कांग्रेस करीब दस साल बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद लगा रही है।
केरल की सभी 140 सीटों पर एक चरण में मतदान हुआ। यहाँ 883 उम्मीदवार मैदान में थे। एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में वापसी का प्रयास कर रहा है जबकि यूडीएफ अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश में है। एनडीए राज्य में अपना खाता खोलने की उम्मीद लगाए बैठा है। पुडुचेरी में 9.50 लाख मतदाताओं ने 294 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में दर्ज किया। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता 89.08 प्रतिशत वोटिंग को लेकर काफी खुश नजर आए।
इसके अलावा कर्नाटक की दो सीटों, नागालैंड और त्रिपुरा में एक-एक सीट पर उपचुनाव हुए। गोवा में एक सीट पर उपचुनाव होना था लेकिन हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। अब तीनों राज्यों में नतीजों का इंतजार है। मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोकतंत्र की मजबूती दिखाई।

