ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के 39 साल के मालिश करने वाले (मसाज थेरेपिस्ट) सुमित सतीश रस्तोगी को एडिलेड की अदालत ने 61 महिलाओं के यौन शोषण के मामले में 13 साल 10 महीने जेल की सजा सुनाई है।
ये पूरा मामला अक्टूबर 2021 से लेकर जुलाई 2022 के बीच 9 महीनों का है। उसने यौन शोषण कर वीडियो भी गुप्त रूप से बना लिए थे। उसकी सजा पूरी के बाद उसे ऑस्ट्रेलिया से निर्वासित किया जा सकता है।
मसाज करने वाले सतीश रस्तोगी के पास कोई मसाज थेरेपी का सर्टिफिकेट भी नहीं था।
कोर्ट के मुताबिक, सुमित सतीश रस्तोगी ने अक्टूबर 2021 और जुलाई 2022 के बीच किए गए 97 अपराधों को माना। इनमें यौन उत्पीड़न और अश्लील फिल्मांकन शामिल है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया जिला न्यायालय ने उसके आचरण को ‘शोषणकारी’ बताया। यह भी कहा कि यह दुर्व्यवहार कई महीनों तक चलता रहा।
शुक्रवार (15 मई 2026) को तीन घंटे तक सुनवाई चली। इस दौरान साउथ ऑस्ट्रेलिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज कारमेन माटेओ ने नौ महीनों में किए गए अपराधों का विस्तार से जिक्र किया और कहा कि रस्तोगी ने उन महिलाओं के विश्वास को तोड़ा जो उसपर भरोसा करने वाली, सुरक्षा, सम्मान और गरिमा की हकदार थीं।
जज ने कहा, “आपका आपराधिक बर्ताव लगातार जारी था और कई बार तो सारी सीमाओं को पार कर गया।” जज के मुताबिक, पकड़े जाने से पहले तक अपराधी का व्यवहार काफी ‘परेशान करने वाला’ है।
जज माटेओ ने कहा कि अपराध तब और भी गंभीर हो गया जब रस्तोगी ने गुपचुप तरीके से उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेना शुरू कर दिया।
सुनवाई के दौरान ‘वोयूरिस्टिक डिसऑर्डर’ का जिक्र
अदालत को बताया गया कि एक मनोचिकित्सक ने रस्तोगी में ‘वोयूरिस्टिक डिसऑर्डर’ (voyeuristic disorder) होने की पुष्टि की है। इस डिसऑर्डर में व्यक्ति को अनजान और अर्धनग्न महिलाओं को देखने से यौन उत्तेजना महसूस होती है।
जज माटेओ ने कहा कि इस डिसऑर्डर का पता चलने पर रस्तोगी के अपराध के पीछे का एक ‘चिकित्सकीय तर्कसंगत कारण’ तो मिलता है, लेकिन यह उसके अपराध से बरी नहीं कर सकता।

