उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े दान पात्रों में चढ़ावे की राशि की कथित चोरी के दावों और अफवाहों को लेकर उठे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की SIT जाँच की माँग किए जाने के बाद शासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाँच को मंजूरी दे दी है।
सरकार ने मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम की अध्यक्षता लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत (IAS) करेंगे। उनके साथ पुलिस स्तर पर जाँच की जिम्मेदारी आईजी रेंज किरन एस (IPS) को सौंपी गई है, जो मामले के आपराधिक पहलू और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की भी जाँच करेंगे।
वहीं वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को दान राशि, ऑडिट और सभी वित्तीय प्रक्रियाओं की तकनीकी जाँच की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल सच्चाई सामने लाना ही नहीं, बल्कि उन अफवाहों और भ्रामक दावों की भी जाँच करना है, जो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे थे। इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराने का अनुरोध किया था।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस बारे में दावा किया था कि मंदिर के पैसों की चोरी हो रही है। हालाँकि ऑपइंडिया से बातचीत में सपा प्रवक्ता पवन पाण्डेय ने कहा था कि ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, ये बातें सूत्रों के अनुसार की जा रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में कई बार दावा किया गया कि राम मंदिर ट्रस्ट में श्रद्धालुओं से आ रहे दान की राशि में गबन किया गया है। हालाँकि इस बारे में अभी तक न तो किसी FIR की पुष्टि हुई है और न ही शिकायत की।

