Homeदेश-समाज'राम मंदिर का चढ़ावा हुआ चोरी': अखिलेश यादव ने किया दावा, सपा प्रवक्ता ऑपइंडिया...

‘राम मंदिर का चढ़ावा हुआ चोरी’: अखिलेश यादव ने किया दावा, सपा प्रवक्ता ऑपइंडिया से बोले- कोई सबूत नहीं, सूत्रों के आधार पर टहल रही है यह बात

राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती एक तय और पारदर्शी व्यवस्था के तहत की जाती है। दान राशि की गणना बैंक कर्मचारियों द्वारा ट्रस्ट प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाती है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी के दायरे में रहती है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार (7 जून 2026) को X पर एक सनसनीखेज दावा किया। अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने की बात कहते हुए लिखा, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।”

उन्होंने आगे लिखा, “ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।”

अखिलेश यादव का ट्वीट

सपा सरकार में मंत्री रहे और पार्टी के प्रवक्ता पवन पांडेय ने भी X पर अखिलेश के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “हे राम मंदिर मे भी डकैती।” पवन पांडेय 2012-2017 के बीच अयोध्या से विधायक रहे हैं।

पवन पांडेय का ट्वीट

चोरी का कोई सबूत नहीं: ऑपइंडिया से बोले सपा प्रवक्ता पवन पांडेय

इस मामले को लेकर जब ऑपइंडिया ने सपा के प्रवक्ता पवन पांडेय से बात की तो उन्होंने चढ़ावे की चोरी का सबूत ना होने की बात कही। हमने पूछा कि क्या उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत मिली है या उनके पास कोई प्रमाण है तो उनका कहना था, “यह बात पूरे फैजाबाद शहर में सूत्रों के आधार पर टहल रही है, चार दिनों से। इसका कोई ठोस सबूत नहीं है, लिखा-पढ़ी वाला सबूत नहीं है।” जब हमने उसने पूछा कि क्या ऐसी चर्चा सुनकर उन्हें दावा किया है तो उनका जवाब था, “हाँ, यही समझ लीजिए।”

इसके बाद वे हमसे कहने लगे, “आप चंपत राय से पूछिए कि वे इसका जवाब दें।” उल्लेखनीय है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव हैं। हमने इस मामले को लेकर चंपत राय से भी बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो पाई। उनसे बात होने के बाद हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

बातचीत के दौरान हमने उनसे कहा कि ‘ट्रस्ट के लोगों से हमने बात की है तो उन्होंने इस चोरी के सबूत माँगे हैं’ तो इस पर सपा प्रवक्ता पवन पांडेय ने कहा, “इस मामले पर चंपत राय 4 दिन से क्यों नहीं बोल रहे हैं। हम बता रहे हैं कि चोरी हुई है। हम लोगों थोड़े ही जाएँगे ये हमारा काम नहीं है।” हालाँकि, वह बार-बार सबूत ना होने की बात कहते रहे। उन्होंने कहा कि विवाद हुआ होगा तभी यह बात बाहर आई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पवन पांडेय ने उनसे बातचीत में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी 5 से 7.50 करोड़ रुपए तक की चोरी होने की बात कही है। साथ ही, उन्होंने कहा है कि अगर चोरी नहीं हुई है तो चंपत राय प्रभु श्रीराम की कसम खाकर कहें कि सबकुछ झूठ है।

कैसे होती है चढ़ावे की गिनती?

राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती एक तय और पारदर्शी व्यवस्था के तहत की जाती है। दान राशि की गणना बैंक कर्मचारियों द्वारा ट्रस्ट प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाती है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी के दायरे में रहती है।

गिनती के बाद दान में प्राप्त रकम का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके बाद राशि को मंदिर परिसर में बने सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है, जिसे अगले दिन बैंक में जमा कर दिया जाता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य बैंक खाता अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक में संचालित होता है।

चढ़ावे की राशि के ऑडिट और वित्तीय निगरानी का कार्य TCS (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) की देखरेख में किया जाता है। मंदिर में प्राप्त कुल चढ़ावे की जानकारी ट्रस्ट की बैठकों में साझा की जाती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

शिव
शिव
7 वर्षों से खबरों की तलाश में भटकता पत्रकार...

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिल्ली दंगों में इस्लामी कट्टरपंथियों को दी क्लीन चिट, कुंभ और राम मंदिर को लेकर हिंदुओं को घेरा: जानें- कौन हैं CJP प्रदर्शन में...

दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान The Guardian पत्रकार हन्ना एलिस-पीटरसन भी मौजूर रहीं, जिनका भारत विरोधी भ्रामक खबरें फैलाने का इतिहास रहा है।

चीन-जापान की राह पर भारत, रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे जन्म दर: पढ़ें- क्या होता है TFR, क्यों घट रही है जन्म दर और आने...

भारत में जन्म दर लगातार घट रही है। TFR 1.9 पहुँचने के बाद विशेषज्ञों ने जापान और चीन जैसे भविष्य की आशंका जताई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- विज्ञापन -