बांग्लादेश सरकार 793 दुर्गा पूजा पंडालों की करेगी जाँच, महिषासुर की मूर्ति पर दाढ़ी से छिड़ा विवाद: दावा- सांप्रदायिक दंगा भड़काने की साजिश

बांग्लादेश में इस बार दुर्गा पूजा के कई पंडालों में विवाद पैदा हो गया। जब कुछ पंडालों में महिषासुर की मूर्ति को दाढ़ी के साथ दिखाया गया। बांग्लादेश सरकार ने इसे जानबूझ कर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाए जाने की साजिश बताया है।

मामले को गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में 793 दुर्गा पूजा पंडालों के जाँच के आदेश दिए हैं। साथ ही कुछ लोगों की पहचान भी की गई है, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

दाढ़ी वाला महिषासुर एक फासीवादी साजिश: जहांगीर आलम

गृह मंत्रालय के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने रविवार (5 अक्टूबर 2025) को कहा कि महिषासुर को दाढ़ी के साथ दिखाने वाले दुर्गा पूजा पंडालों के मामले में पुलिस में जनरल डायरी (GD) दर्ज की है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने यह काम किया है, उनकी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चौधरी ने कहा कि कुछ दुर्गा पूजा पंडालों में दाढ़ी वाले महिषासुर की मूर्ति लगाना एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने इसे ‘फासीवादी ताकतों’ की चाल बताया, जिनका मकसद देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।

चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “फासीवादी और उनके साथी राक्षस की मूर्ति में दाढ़ी लगाकर लोगों को भड़काना चाहते थे। कुछ तथाकथित फासीवादी बुद्धिजीवियों ने भी इस काम को बढ़ावा दिया लेकिन यह साजिश नाकाम हो गई। दुर्गा पूजा पूरे देश में फिर से शांति, सुरक्षा और उत्साह के साथ मनाई गई।”

चौधरी ने कहा कि बांग्लादेश में कुछ दुर्गा पूजा पंडालों में दाढ़ी वाले महिषासुर की मूर्ति दिखाने की घटना का संबंध भारत के पश्चिम बंगाल में एक पंडाल से हो सकता है, जहाँ महिषासुर को बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस जैसा दिखाया गया था।

उन्होंने कहा, “यहाँ राक्षस के चेहरे पर दाढ़ी जोड़ने की कोशिश उस घटना से जुड़ी लगती है। लेकिन कानून व्यवस्था की सतर्कता और पूजा समितियों के सहयोग से यह साजिश नाकाम हो गई।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल बांग्लादेश में कुल 33,355 दुर्गा पूजा आयोजित हुई, जिनमें से 793 पंडालों को जाँच के लिए चिन्हित किया गया है। आरोप है कि दाढ़ी लगाकर असुर राजा को मुस्लिम जैसा दिखाने की कोशिश की गई, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैलाने की आशंका जताई जा रही है।

कुश्तिया जिले में महिषासुर की मूर्ति से दाढ़ी हटाने का आदेश

बांग्लादेश के कुश्तिया जिले के एक दुर्गा पूजा पंडाल में महिषासुर की दाढ़ी वाली मूर्ति की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसके बाद देशभर में चिंता जताई गई कि ऐसे पंडाल सांप्रदायिक तनाव फैला सकते हैं।

इस माहौल को देखते हुए केंद्रीय पूजा घोषणा परिषद ने अपील की कि महिषासुर की मूर्तियों से दाढ़ी हटा दी जाए ताकि किसी समुदाय की भावनाएँ आहत न हों और माहौल बिगड़े नहीं।

परिषद की अपील के बाद कुश्तिया जिले के प्रशासन ने फैसला लिया कि जिले के 39 दुर्गा पूजा पंडालों में महिषासुर की मूर्तियों से दाढ़ी हटाई जाएगी। यह काम जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय पूजा परिषद ने मिलकर किया।