बंगाल में लाउडस्पीकर पर बवाल, कसाई-जहाँगीर मोहल्ले से आए दंगाइयों ने पुलिस चौकी पर किया पथराव: जमकर की तोड़फोड़, लाठीचार्ज के बाद काबू में हालात

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शुक्रवार (15 मई 2026) की रात जबरदस्त तनाव फैल गया। यहाँ लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित करने को लेकर चलाए जा रहे प्रशासनिक जागरूकता अभियान के दौरान एक पुलिस चौकी पर हमला और तोड़फोड़ की गी है। यह घटना जहाँगीर मोहल्ला, कसाई मोहल्ला और आसपास के रेलपार इलाके में हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन इलाके में धार्मिक-मजहबी स्थलों पर तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकरों को निर्धारित सीमा में रखने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा था। इसी के चलते पुलिसकर्मी दिन में जहाँगीर मोहल्ला, कसाई मोहल्ला और रेलपार क्षेत्र के अन्य इलाकों में पहुँचे थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों, मस्जिदों और मंदिर समितियों से प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन करते हुए लाउडस्पीकर की आवाज कम रखने की अपील की थी। इस संबंध में कई जगह बैठकों का आयोजन भी किया गया था।

हालाँकि, शाम होते-होते स्थिति अचानक बिगड़ गई। बड़ी संख्या में लोग कसाई मोहल्ला और जहाँगीर मोहल्ला पुलिस चौकी के पास जमा हो गए और देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया। भीड़ ने पुलिस चौकी पर ईंट-पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। चौकी के अंदर और बाहर जमकर तोड़फोड़ की गई। घटना के दौरान पुलिस की कई गाड़ियाँ, मोटरसाइकिलें और कुछ निजी वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को मौके पर तैनात किया गया। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की गश्त जारी है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। पुलिस प्रशासन ने इलाके के सभी CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। आसनसोल के पुलिस उपायुक्त वी.जी. सतीश पसुमार्थी ने कहा कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।