किशनगंज में मुस्लिम जनसंख्या करीब 68 फीसदी है। इसलिए यहाँ की ठाकुरगंज, बहादुरगंज और कोचाधामन में मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कटिहार में करीब 45 फीसदी मुस्लिम हैं। यहां कि प्राणपुर और कटिहार सदर में इनकी भूमिका खासतौर पर निर्णायक है।
अररिया में करीब 43 फीसदी आबादी मुस्लिम है। जोकीहाट, अमौर सीट में मुस्लिम जीत और हार का फैसला करते हैं। पुर्णिया की अगर बात की जाए तो यहाँ करीब 38 फीसदी मुस्लिम आबादी है। यहाँ की बैसी सीट ऐसी है जहाँ 64 फीसदी मुस्लिम रहते हैं।
बांग्लादेश और नेपाल से सटा होने के कारण राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। महागठबंधन के साथ-साथ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने इन सीटों पर पूरी ताकत झोंक दी।
इसके अलावा भागलपुर, मधुबनी, पूर्वी चंपारण, सिवान, सुपौल समेत कई दूसरे जिले हैं, जहाँ मुस्लिम आबादी 15 फीसदी से 22 फीसदी तक है।

