शिक्षा को प्राथमिकता, विकास की ओर अग्रसर: जानें बिहार के सबसे बड़े बजट में किसे क्या मिला? महिलाओं से लेकर गरीबों तक के लिए खुला नीतीश सरकार का खजाना

पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों के बाद मंगलवार (03 फरवरी 2026) को नीतीश सरकार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य का पहला बजट पेश किया। इस बार सरकार ने महिलाओं-गरीबों से लेकर प्रदेश में विकास को फोकस करते हुए लगभग ₹3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया है, जो पिछले साल से 9.8 फीसदी अधिक है।

यह बिहार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट कहा जा रहा है। इस बजट का मुख्य लक्ष्य विकास, रोजगार, सामाजिक कल्याण और महिलाओं व गरीबों की सहायता है। सरकार ने इस बजट को ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत रखा है, जिससे बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जाए।

बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सबसे बड़ी प्राथमिकता शिक्षा क्षेत्र को दी गई है और इसके लिए ₹68,216.95 करोड़ का बजट तय किया गया है। हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोने पर जोर है। स्वास्थ्य के लिए लगभग ₹21,000 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए लगभग ₹23,700 करोड़ का बजट रखा गया है। जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा।

बजट में महिला सशक्तिकरण और गरीब परिवारों के उत्थान पर भी जोर दिया गया है। अब तक ₹1.56 करोड़ महिलाओं को ₹10 हजार से ₹2 लाख तक की सहायता और ऋण दी जा चुका है और इसे बढ़ाने का प्रस्ताव बजट में शामिल है। इसके साथ 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि क्षेत्र में भी सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त ₹3000 वार्षिक भुगतान का ऐलान किया गया है ताकि खेती में सहारा मिले और किसानों की आमदनी बढ़े। बजट में रोजगार और उद्योग के लिए भी कदम उठाए गए हैं। स्वरोजगार, कृषि उत्पादन, उद्योगों में निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले प्रावधान शामिल हैं, जिससे नौकरी के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय व्यापार को समर्थन मिलेगी।

इसके अलावा योजनाओं के लिए ₹1,22,155 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढाँचे की योजनाएँ शामिल हैं। वेतन और पेंशन आदि के लिए ₹2,25,434 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

बजट का लगभग 18.26 प्रतिशत हिस्सा यानी ₹63,455.84 करोड़ पूंजीगत व्यय के रूप में रखा गया है, जिसका उपयोग सड़क, पुल, बिजली, जल आपूर्ति, भवन, सिंचाई जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में होगा। सरकार ने बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाने की भी घोषणा की है।