बिहार में जहाँ जलाई गई ‘मनुस्मृति’, वहाँ अब लगे ‘शरीयावाद हो बर्बाद’ के पोस्टर: पटना यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता का दावा- हॉस्टल में नमाज के लिए आते हैं लड़के, करते हैं छेड़छाड़

बिहार के पटना विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान ‘मनुस्मृति’ जलाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब विश्वविद्यालय व उससे जुड़ें संस्थाओं में शरीयावाद के खिलाफ सैकड़ों पोस्टर लगाए गए हैं। कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता मनीष यादव ने UGC से जुड़े एक कार्यक्रम में मनुस्मृति लिखा पोस्टर जलाया था जिसकी खूब आलोचना हुई थी।

अब विश्वविद्यालय के ही पूर्व छात्र और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे वरुण कुमार सिंह ने ‘शरीयावाद और मीमवाद’ के खिलाफ पोस्टर लगाए हैं। ये पोस्टर रविवार (22 मार्च 2026) की शाम और सोमवार (23 मार्च 2026) की सुबह लगाए गए थे। इस पोस्टरों में ‘शरीयावाद हो बर्बाद, सनातनवादी जिंदाबाद’ ‘मीमवादी हो बर्बाद, अंबेडकरवाद-पटेलवाद-सावरकरवाद जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

ये पोस्टर विश्वविद्यालय और कई कॉलेजों की दीवारों पर लगाए गए हैं। पोस्टर लगाने वाले वरुण सिंह इससे पहले पटना यूनिवर्सिटी की ABVP ईकाई के प्रमुख रह चुके हैं। वरुण ने ‘ऑपइंडिया’ से बातचीत में कहा कि जो लोग मनुस्मृति जलाकर मानवता की लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि मानवता की असली लड़ाई तो शरीया के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति को जलाने का मकसद केवल हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है।

वरुण का कहना है कि ऐसे हिंदू विरोधी कार्यक्रमों से इस्लामी एक्टिविस्ट जुड़े हुए हैं और उन्हीं के माध्यम से इस तरह के कार्यक्रम किए जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिस मनीष यादव ने मनुस्मृति जलाई है उसने कुछ वर्षों पहले पटना विश्वविद्यालय में भगवा झंडा भी जलाया था। उन्होंने मनीष यादव को सांसद पप्पू यादव की पुरानी पार्टी जन अधिकार पार्टी (JAP) से जुड़ा हुआ बताया है।

वरुण ने पटना कॉलेज में बाहर से मुस्लिमों के आने का भी दावा किया है। उन्होंने कहा कि पटना कॉलेज के इकबाल हॉस्टल में हर जुमे को हजारों की संख्या में बाहरी लोग नमाज पढ़ने आते हैं। उन्होंने दावा किया कि ये लोग यहाँ आकर हिंदू लड़कियों को छेड़ते हैं और अगर कोई हिंदू उसका विरोध करता है तो उसकी पिटाई करते हैं।