भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर जानबूझकर टैक्स धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि महुआ मोइत्रा ने अपने पति, वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व बीजेडी सांसद पिनाकी मिश्रा की कंपनी से प्रोफेशनल फीस के रूप में भुगतान प्राप्त किया, जो कथित रूप से कर नियमों का उल्लंघन है।
Did @AITCofficial MP Mahua Moitra Commit Wilful Tax Evasion; & abetment under income tax law!?
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) February 11, 2026
Rather than filing fake cases in an attempt to intimidate people on social media; she should answer:
1. What " professional services" were provided by her to a "shell company" "WHITE… pic.twitter.com/kxSYsPrMPO
व्हाइट लिली से ‘प्रोफेशनल फीस’ को लेकर आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में भंडारी ने आँकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि बड़ी रकम प्रोफेशनल फीस के नाम पर भेजी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें व्हाइट लिली नाम की एक कंपनी से महुआ मोइत्रा को किए गए भुगतान भी शामिल हैं। भंडारी ने सवाल उठाया कि इस कंपनी को आखिर कौन-सी पेशेवर सेवाएँ दी गईं, जिसे उन्होंने एक ‘शेल कंपनी’ करार दिया।
इसके अलावा, भंडारी ने द मिंट में प्रकाशित पिनाकी मिश्रा के 2014 के एक इंटरव्यू का जिक्र किया, जिसमें मिश्रा ने कहा था कि उनके परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों का सक्रिय व्यवसायिक संचालन नहीं है और वे मुख्य रूप से किराए से आय अर्जित करने वाली संपत्तियों को होल्ड करती हैं। इसी इंटरव्यू में दी गई जानकारी के आधार पर भंडारी ने महुआ मोइत्रा को किए गए ‘प्रोफेशनल फीस’ भुगतान की वैधता पर सवाल उठाया।
भंडारी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, महुआ मोइत्रा को कुल 29,58,000 रुपए प्रोफेशनल फीस के रूप में मिले। यह राशि चार हिस्सों में प्राप्त हुई दो बार व्हाइट लिली से वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में तथा दो बार पिनाकी मिश्रा से वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में।
टैक्स चोरी और संसदीय नैतिकता पर सवाल
भंडारी ने आरोप लगाया कि ये लेन-देन आयकर कानून की धारा 276 के उल्लंघन की आशंका पैदा करते हैं और आयकर कानून के तहत अपराध में मदद (सहयोग) करने जैसा मामला भी हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह लोकसभा के नियमों के अनुसार संसदीय आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है।
इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यदि वह कोई बयान जारी करती हैं, तो खबर को उसके अनुसार अपडेट किया जाएगा।

