वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 15 की मौत: बचाव अभियान जारी, इंडियन एंबेसी ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार (11 जुलाई 2026) को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव समुद्र में पलट गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, भारतीयों समेत 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हादसे के बाद वियतनाम की बचाव एजेंसियों ने तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। वहीं हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी में भारतीय जनरल कॉन्सल दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

कैसे हुआ हादसा, क्या है अब तक की जानकारी?

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा शनिवार दोपहर करीब एक बजे हुआ। नाव फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट से एन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी। नाव में 32 भारतीय पर्यटकों के अलावा चालक और अन्य क्रू सदस्य सहित कुल 36 लोग सवार थे। रास्ते में अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद नाव समुद्र में पलट गई और सभी लोग पानी में गिर गए।

बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू किया और सभी 36 लोगों को समुद्र से बाहर निकाल लिया। रिपोर्ट के मुताबिक 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 15 लोगों की मौत हो गई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

समुद्र में तेज लहरों और खराब मौसम के बावजूद गोताखोरों और बचाव टीमों ने राहत कार्य जारी रखा। हादसे के कारणों की जाँच भी शुरू कर दी गई है।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, परिवारों की मदद के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय

हादसे की जानकारी मिलते ही वियतनाम में भारतीय दूतावास हरकत में आ गया। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय दूतावास के लिए +84 36 281 7930, +84 91 552 3714 और +84 33 452 0414 नंबर जारी किए गए हैं।

वहीं हनोई स्थित भारतीय दूतावास के कंट्रोल रूम से +84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है। भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह किसी भी सहायता और जानकारी के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है, जबकि स्थानीय प्रशासन हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाने और राहत कार्य में जुटा हुआ है।