बोटॉक्स अंडर बुर्का: तालिबान के डर के बाद भी सुंदर दिखने के लिए सर्जरी करा रहीं अफगानी महिलाएँ, मेडिकल क्लिनिक में फल-फूल रहा कॉस्मेटिक सर्जरी का धंधा

अफगानिस्तान में 2023 में तालिबान ने ब्यूटी पार्लर पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद महिलाओं के खूबसूरत दिखने की चाहत को रोकना उनके लिए मुश्किल हो गया। यहाँ बड़ी संख्या में महिलाएँ डॉक्टर की क्लिनिक पहुँच रही हैं, जहाँ कॉस्मेटिक सर्जरी जैसे बोटॉक्स, फेसलिफ्ट करवा रहीं हैं। इसकी वजह से सोशल मीडिया पर ‘बोटोक्स अंडर बुर्का’ ट्रेंड कर रहा है।

अफगानिस्तान में लड़कियों के लिए यूनिवर्सिटी जाना मना है। क्लास 6 के बाद पढ़ाई नहीं कर सकती, नौकरी नहीं कर सकतीं, बाहर निकलने पर हिजाब पहनना जरूरी है। अकेले यात्रा नहीं कर सकती, ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दी जाती, पार्क, जिम, स्विमिंग पूल जाने पर रोक है।

दुकानों पर महिलाओं की तस्वीर लगाने पर बैन है। तालिबानी शासन की वजह से मेडिकल की पढ़ाई कर रही लड़कियों को घर बैठना पड़ा। वैसे देश में महिलाएँ अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए सर्जरी का सहारा ले रही हैं।

अफगानिस्तान में ऐसे 20 क्लिनिक चल रहे हैं। यहाँ बोटॉक्स यानी झुर्रियों को कम करने वाला इंजेक्शन, फेसलिफ्ट यानी ढीली स्किन को टाइट करने वाला इंजेक्शन और हेयर ट्रांसप्लांट धड़ल्ले से हो रहा है। इसमें बुर्काधारी महिलाएँ बड़ी संख्या में पहुँच रही हैं। दिलचस्प बात ये भी है कि तालिबानी शासन के कट्टर समर्थक पुरुष भी अपने गंजेपन का इलाज कराने यहाँ आ रहे हैं।

दरअसल ब्यूटी पार्लर के बैन के बावजूद मेडिकल क्लिनिक में यह हो रहा है। इसे रोकना मुश्किल है। जुलाई 2023 में तालिबानी शासन के आने के एक महीने के भीतर ब्यूटी पार्लर को यहाँ बंद कर दिया गया था। यह जगह महिलाओं के आय का स्रोत भी था और बातचीत करने का उपयुक्त स्थान भी। महिलाओं पर पाबंदी की शुरुआत तालिबान ने यही से की थी। सैलून बंद होने के बाद कॉस्मेटिक सर्जरी फल-फूल रहा है, क्योंकि ये मेडिकल ट्रीटमेंट के अंदर आता है। इसलिए तालिबान कुछ नहीं कर पा रहा।