ऑपरेशन सिंदूर के बाद ब्रह्मोस मिसाइल की बढ़ी माँग, इंडोनेशिया ने खरीदने का किया औपचारिक अनुरोध: राजनाथ सिंह बोले- लखनऊ से होगी सप्लाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार (15 नवंबर 2025) को लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि इंडोनेशिया ने भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ खरीदने का औपचारिक अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि जकार्ता सरकार लखनऊ में तैयार हो रही ब्रह्मोस मिसाइलों को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रही है।

यह जानकारी उस समय सामने आई है जब करीब एक महीने पहले ही राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित नए ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सेंटर से मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

लखनऊ का ‘ब्रह्मोस प्लांट’ अब पूरी तरह शुरू

ब्रह्मोस मिसाइलों के निर्माण के लिए लखनऊ में बनाया गया अत्याधुनिक प्लांट अब पूरी तरह से चालू हो चुका है। यह सुविधा लगभग 300 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की गई है और इसका उद्घाटन 11 मई 2025 को किया गया था।

सरोजिनी नगर के भटगाँव क्षेत्र में स्थित यह इकाई उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिनी जा रही है क्योंकि यहाँ मिसाइलों का असेंबली, इंटीग्रेशन और उन्नत तकनीक से परीक्षण किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को गति देने के लिए 80 हेक्टेयर जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराई थी।

इसी बीच यह भी सामने आया है कि भारत और इंडोनेशिया 450 मिलियन डॉलर मूल्य वाले संभावित ब्रह्मोस सौदे को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं और यदि यह समझौता हो जाता है तो इंडोनेशिया, फिलिपींस के बाद ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा आसियान देश (ASEAN nation) बन जाएगा।

‘ब्रह्मोस’ क्यों है दुनिया में खास?

ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से तैयार की गई एक अत्याधुनिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो अपनी तेज रफ्तार, सटीक निशाने और विभिन्न प्लेटफॉर्मों, जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च होने की क्षमता के कारण दुनिया की सबसे भरोसेमंद मिसाइल प्रणालियों में से एक मानी जाती है।

अपनी लंबी दूरी और उच्च सटीकता के कारण यह मिसाइल किसी भी सैन्य अभियान को कई गुना प्रभावी बना देती है और यही वजह है कि कई देशों की नजर इस पर बनी रहती है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़ी ‘ब्रह्मोस’ की वैश्विक अहमियत

भारत द्वारा हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा मजबूती से साबित किया है। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों पर ब्रह्मोस मिसाइलों से सटीक और उच्च-स्तरीय प्रहार किए।

इन हमलों में सौ से अधिक आतंकवादी ढेर हुए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के दस परिजन और उसके चार बेहद करीबी सहयोगी भी शामिल थे। यह अभियान न केवल अपनी सटीकता बल्कि न्यूनतम collateral damage के कारण भी सराहा गया।

ऑपरेशन के दौरान ब्रह्मोस की क्षमता जिस तरह सामने आई, उसके बाद दुनिया भर के कई देशों, खासकर समुद्री सुरक्षा मजबूत करने की इच्छा रखने वाले राष्ट्रों में इसकी माँग और रुचि तेजी से बढ़ी है।