ब्रिटेन और फ्रांस की वायु सेनाओं ने शनिवार (3 जनवरी 2026) शाम सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडार (Underground weapons depot) पर संयुक्त हवाई हमला किया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पलमायरा के उत्तर में पहाड़ी इलाके में की गई, जहाँ आतंकवादी संगठन द्वारा हथियार और विस्फोटक जमा किए जाने की आशंका थी। पश्चिमी देशों की यह कार्रवाई ISIS की दोबारा बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है।
The @RoyalAirForce have continued to conduct patrols over Syria to help prevent any attempted resurgence of the Daesh terrorist movement.
— Ministry of Defence 🇬🇧 (@DefenceHQ) January 3, 2026
The RAF joined French aircraft in a joint strike on an underground facility on the evening of Saturday 3 January: https://t.co/k3pV3OVvIi pic.twitter.com/mk9XvnPMpH
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर पहचाने गए इस ठिकाने का इस्तेमाल ISIS द्वारा हथियार और विस्फोटक भंडारण के लिए किया जा रहा था। क्षेत्र में किसी भी तरह की नागरिक आबादी मौजूद नहीं थी, जिससे आम लोगों को नुकसान पहुँचने का खतरा नहीं था।
आधुनिक हथियारों से सटीक हमला
हमले में ब्रिटेन ने टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया, जिन्हें वॉयेजर रिफ्यूलिंग टैंकर से समर्थन मिला। विमानों ने पावेवे-IV गाइडेड बमों से भूमिगत सुविधा तक जाने वाली सुरंगों को निशाना बनाया। मंत्रालय के अनुसार, शुरुआती आँकलन में लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया है और सभी विमान सुरक्षित लौट आए हैं।
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई ISIS और उसकी हिंसक विचारधाराओं को खत्म करने के लिए सहयोगी देशों के साथ मिलकर की गई है। उन्होंने सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि ब्रिटेन अपने नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए हर समय तैयार है।
पलमायरा में पहले भी हो चुका है हमला
गौरतलब है कि इसी इलाके में 13 दिसंबर 2025 को ISIS ने अमेरिकी बलों पर हमला किया था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि तीन सैनिक घायल हुए थे। इसके बाद सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने हमले से जुड़े पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। हालिया हवाई हमला उसी क्षेत्र में आतंकियों की गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

