ड्रग्स केस में MP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के भाई नाना पटवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया, कई घंटों तक की पूछताछ: ड्रग तस्करों ने लिया था नाम, पहले भी दर्ज हैं कई केस

मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने ब्राउन शुगर मामले में प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को हिरासत में लेकर उनसे कई घंटों तक पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई गिरफ्तार किए गए दो ड्रग पेडलरों से मिली जानकारी के आधार पर की गई है।

पूरा मामला इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो लोगों को पकड़ लिया। उनकी पहचान इरफान खान और संजय कौशल उर्फ रानी भाई के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास से 10.8 ग्राम प्रतिबंधित ब्राउन शुगर बरामद की गई।

पुलिस ने दोनों आरोपितों से पूछताछ कर ड्रग्स नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालने शुरू किए। पूछताछ के दौरान दोनों ने नाना पटवारी और मानव गंगवानी का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर अलग स्थान पर पूछताछ की।

जानकारी के मुताबिक, पूछताछ कई घंटे तक चली, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हालाँकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जाँच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है। इंदौर जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र रावत ने कहा है कि नाना पटवारी के खिलाफ पहले से 9 मामले दर्ज हैं।

भाई की हिरासत पर भड़के जीतू पटवारी

भाई के हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आने के बाद जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री जी, इंदौर पुलिस ने मेरे भाई को बगैर किसी पूर्व सूचना के हिरासत में लेकर यह स्पष्ट सियासी संदेश दिया है कि बीजेपी अब ‘बदला’ ले रही है।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं पहले से जानता था कि सरकार अपनी निजी दुर्भावना के चलते मेरे और मेरे परिजनों के खिलाफ झूठी कानूनी कार्रवाइयाँ जरूर करेगी, लेकिन मैं फिर दोहरा रहा हूँ कि कानूनी दबाव और प्रभाव से भरी इस राजनीति से हम न डरेंगे, न झुकेंगे! बल्कि और ज्यादा ताकत के साथ मैदानी लड़ाई लड़ेंगे।”

क्या है ब्राउन शुगर और अब आगे क्या होगी कार्रवाई

ब्राउन शुगर एक प्रतिबंधित और नारकोटिक ड्रग, जिसे लो-ग्रेड हेरोइन के रूप में जाना जाता है। इसमें हेरोइन के साथ कैफीन, टैल्कम पाउडर, चीनी, स्टार्च और अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं, जिसके कारण इसका रंग हल्का भूरा दिखाई देता है। भारत में NDPS एक्ट, 1985 के तहत इसके निर्माण, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण और सेवन पर बैन है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपितों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों की जाँच कर रही है। जाँच के आधार पर आगे FIR, गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।