मध्य प्रदेश में धार्मिक ग्रंथ ‘मनुस्मृति’ जलाने और बाबा साहेब अंबेडकर का पुतला फूँकने के दो अलग-अलग वीडियो वायरल होने के बाद तनाव बढ़ गया है। इस मुद्दे पर दलित अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली और संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं डॉ रोहिणी घावरी ने कड़ा रुख अपनाया है।
रोहिणी घावरी ने X पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री मोहन यादव को टैग करते हुए माँग की है कि समाज में जहर फैलाने वाले दोनों ही पक्षों पर तुरंत NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
Hello @CMMadhyaPradesh
— Dr Rohini Ghavari ( रोहिणी ) (@DrRohinighavari) December 27, 2025
मध्यप्रदेश जनसभा में मनुस्मृति जलाने वाले भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन पर NSA की कार्यवाही तुरंत की जाए !!
एवं ग्वालियर में बाबा साहब अंबेडकर का पुतला जलाने वाले पर भी NSA की कार्यवाही तुरंत हो !!
दोनों ने समाज में ज़हर फैलाने का काम किया !!… pic.twitter.com/5CFSg9NO1G
डॉ रोहिणी ने अपने ट्वीट में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन पर जनसभा में मनुस्मृति जलाने को लेकर निशाना साधा। साथ ही, उन्होंने ग्वालियर में बाबा साहेब का पुतला जलाने वालों को भी आड़े हाथों लिया। रोहिणी का कहना है कि ऐसी हरकतें केवल समाज में नफरत पैदा करती हैं।
कौन हैं डॉ रोहिणी घावरी?
वाल्मीकि समाज से ताल्लुक रखने वाली डॉ रोहिणी घावरी अपनी स्पष्टवादिता के लिए जानी जाती हैं। वे उन नेताओं से अलग सोच रखती हैं जो दलित राजनीति के नाम पर ब्राह्मणों के प्रति नफरत फैलाते हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनके जीवन की सफलता में उनके ‘पंडित अंकल’ और ब्राह्मण समाज का बड़ा योगदान रहा है।
रोहिणी तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने UN में पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई थी और ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ राम मंदिर निर्माण का स्वागत किया था। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

