‘हिंदू धर्म छोड़कर बनो ईसाई, जन-गण-मन की जगह गाओ हालेलुया’ : छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल बना रही थी छात्राओं पर धर्मांतरण दबाव, जाँच के बाद सस्पेंड

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल को छात्राओं को ईसाई धर्म की ओर आकर्षित करने और सरकारी योजना के पैसों में गड़बड़ी करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।

पूरा मामला मामला बालोदा स्थित पीएम श्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला का है। यहाँ की प्रिंसिपल लक्ष्मी देवी भारद्वाज पर लगे आरोपों की जाँच के बाद जिला शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, गाँव के लोगों और छात्रों के अभिभावकों ने शिकायत की थी कि प्रिंसिपल स्कूल में बच्चों को ईसाई प्रार्थनाएँ और धार्मिक गीत गाने के लिए प्रेरित कर रही थीं।

सुबह की प्रार्थना सभा में वह राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के स्थान पर ‘गॉड इज़ ग्रेट’ और ‘हालेलुया’ जैसे गीत गवाती थीं। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि वे बच्चों के मन में हिंदू देवी-देवताओं और परंपराओं के प्रति नकारात्मक सोच पैदा कर रही थीं।

मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जाँच कराई। पड़ताल में ये पता चला कि इन आरोपों के अलावा प्रिंसिपल ने सरकारी योजनाओं के तहत मिले फंड में भी गड़बड़ी की थी। 2021-22 में उन्होंने कभी सरकारी फंड की राशि फर्जी बिल लगाकर अपने नाम पर निकाली तो कभी रिश्तेदारों के नाम पर।

जानकारी मिली है कि पिछले वर्ष बालोदा थाने में उनके खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत एफआईआर भी दर्ज हुई थी। हालाँकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। बाद में 7 मई 2026 को जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों और अभिभावकों ने कलेक्टर से इस संबंध में शिकायत की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश मिलते ही शुरुआती जाँच के बाद प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया।