छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के दमगढ़ गाँव में सोमवार (2 फरवरी 2026) को एक भव्य समारोह के दौरान 66 जनजातीय लोगों ने फिर से सनातन धर्म अपना लिया है। BJP विधायक भावना बोहरा की मौजूदगी में इन जनजातीय परिवारों ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया। इस मौके पर विधायक ने खुद इन लोगों के पैर धोकर और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में इस ‘घर वापसी’ की चर्चा हो रही है।
अपनों के बीच वापसी और सम्मान
दमगढ़ गाँव में आयोजित ‘आदिवासी गौरव सम्मेलन’ में भावुक नजारा देखने को मिला। विधायक भावना बोहरा ने धर्मांतरण छोड़कर वापस आए परिवारों का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज हमारी प्राचीन संस्कृति का असली संरक्षक है। विधायक ने जोर देकर कहा कि कुछ लोग प्रलोभन देकर भोले-भाले जनजातियों को गुमराह करते हैं, लेकिन अब समाज जागरूक हो चुका है। इससे पहले भी नेउर और कुई-कुकदुर इलाके के करीब 185 लोग भावना बोहरा की पहल पर सनातन धर्म में लौट चुके हैं।
#WATCH | Kawardha, Chhattisgarh: Pandaria MLA Bhavna Bohra greets 66 tribals on their 'Ghar Wapasi' by washing their feet. pic.twitter.com/PiqJLWnEG1
— ANI (@ANI) February 2, 2026
दुर्गम इलाकों के लिए ‘बाइक एम्बुलेंस’ की सौगात
इस कार्यक्रम के दौरान केवल धर्म ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया गया। विधायक ने अपनी निधि से दो ‘बाइक एम्बुलेंस’ को हरी झंडी दिखाई। ये एम्बुलेंस छिड़पानी और कुई-कुकदुर जैसे दुर्गम वन क्षेत्रों के लिए संजीवनी साबित होंगी।
पहाड़ी और संकरे रास्तों वाले दर्जनों गाँवों के लोग अब मेडिकल इमरजेंसी के दौरान समय पर अस्पताल पहुँच सकेंगे। विधायक ने कहा कि विकास और संस्कृति को साथ लेकर चलना ही उनकी प्राथमिकता है।
धर्मांतरण करने वालों को कड़ा संदेश
इलाके में लगातार हो रही ‘घर वापसी’ को धर्मांतरण के खेल में लगे लोगों के लिए एक करारा जवाब माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विधायक के सक्रिय होने से जनजातीय समुदाय में अपनी पहचान और विरासत को लेकर नया आत्मविश्वास जगा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।

