चीन ने छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में चीनी सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में 3 इंजनों वाला फाइटर जेट दिखाई दिया है। यह विमान चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन द्वारा विकसित किया जा रहा है और इसे दुनिया का पहला ट्रिपल इंजन जेट विमान माना जा रहा है।
मिलिट्री वॉच मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक, चेंगदू के इस विमान की सबसे खास बात इसका तीन इंजन वाला डिजाइन है जिसमें बीच का इंजन दोनों तरफ के इंजनों से बड़ा दिखाई देता है। माना जा रहा है कि यह डिजाइन विमान को ज्यादा ताकत देने के साथ-साथ उसके बड़े आकार के बावजूद संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
इस विमान की उड़ान क्षमता 8,000 किलोमीटर से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसका मतलब यह है कि यह प्रशांत महासागर के ऊपर लंबे समय तक उड़ान भर सकता है और बिना ईंधन भरे 4,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मौजूद लक्ष्यों को निशाना बना सकता है।
नई तस्वीरों में विमान के लैंडिंग गियर में भी बदलाव दिखा है। पश्चिमी देशों में इस विमान को ‘J-XX’ या ‘J-36’ कहा जा रहा है। इसके इंजन सिस्टम को लेकर भी चर्चा है कि इसमें नई तरह की तकनीक जैसे ज्यादा पारंगत और पावरफुल इंजन डिजाइन इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे विमान की ताकत और क्षमता और बढ़ेगी।
चीन के आधुनिक फाइटर इंजन खासकर WS-15 को अमेरिकी इंजनों के करीब माना जा रहा है। दिसंबर 2025 में J-20 विमानों में WS-15 के इस्तेमाल से चीन ने अपनी प्रगति साफ दिखाई थी। हालाँकि, यह अभी तय नहीं है कि चीन इस नए फाइटर में और ज्यादा उन्नत इंजन तकनीक कितनी सफलतापूर्वक लागू कर पाएगा।
इस परियोजना में चीन ने 4 प्रोटोटाइप विमान तैयार किए हैं जो दिखाता है कि यह परियोजना किस गति के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह विमान 2030 के आसपास सेवा में आ सकता है। दुनिया का पहला तीन इंजन वाला लड़ाकू विमान भविष्य की हवाई लड़ाई की दिशा को बदल सकता है।

