पश्चिम बंगाल की विधानसभा के विशेष सत्र में एंटी गुंडा बिल पारित कर दिया गया। इसका असल नाम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक 2026 है। यह बिल 176 की बहुमत के साथ बंगाल विधानसभा में सोमवार (29 जून 2026) को पास हो गया।
यह बिल उत्तर प्रदेश और गुजरात में लागू कानून के मॉडल की तर्ज पर लाया गया है। इस बिल पर विधानसभा में बोलते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये कानून लागू करने से पहले समझना होगा कि पिछली सरकार ने अपराध से संबंधित कानूनों को लागू करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए।
उन्होंने बताया कि इस तरह का कानून उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में पहले से लागू है। सीएम ने आरोप लगाया कि बंगाल की राजनीति में गुंडा संस्कृति की शुरुआत CPI(M) ने की थी। सीएम उन्होंने आगे कहा कि साल 2019 के बाद तत्कालीन ममता बनर्जी की TMC सरकार ने विशेष समुदाय को यह संदेश दिया कि वह उनके साथ हैं।
इस पर सीएम शुभेंदु ने कहा कि कानून लागू होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नुकसान की भरपाई दोषियों से ही की जाए क्योंकि केवल जेल भेजना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत दोषियों की चल-अचल संपत्ति भी जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कानून गुंडों पर कार्रवाई के लिए बनाया गया है।

