उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर योगी सरकार ने मजबूत और आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्ष पर सीधा हमला बोला। निंदा प्रस्ताव के जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान के मुद्दे पर सपा और कॉन्ग्रेस का रवैया हमेशा विरोधाभासी और नकारात्मक रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कई पुराने और वर्तमान मुद्दों को जोड़ते हुए विपक्ष की राजनीति पर सवाल खड़े किए। सीएम योगी ने सपा सरकार में महिलाओंं पर हिंसा और रेप की घटनाओं का ब्योरा दिया और कहा कि तब सपा नेता इन घटनाओं को राजनीतिक साजिश बताते थे। सीएम योगी ने साल 2013 की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला ने सपा नेता पर रेप का आरोप लगाया था।
काले कर्मों से जो राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 30, 2026
यही कलंक बनने का काम 17 अप्रैल को लोकसभा के अंदर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, DMK और TMC ने किया है… pic.twitter.com/cIire50qfb
महिला आरक्षण और नारी सशक्तिकरण पर योगी ने विपक्षियों को घेरा
सीएम योगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पारित कर महिलाओं को नीति-निर्धारण में भागीदारी देने का ऐतिहासिक प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी अभी सीमित है और इसे 33 प्रतिशत तक बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा, “सपा के लोगों की एक विडंबना है, महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन के लिए उठाए गए कदम का सपा और कॉन्ग्रेस विरोध करती है।” योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जनधन योजना जैसे कदम उठाए गए, लेकिन उस समय भी विपक्ष ने इसका मजाक बनाया था।
शाह बानो प्रकरण और तीन तलाक पर कॉन्ग्रेस-सपा को लताड़ा
सीएम योगी ने कॉन्ग्रेस सरकार की पुरानी नीतियों को घेरा। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के पतन का कारण एक मुस्लिम महिला थी। शाह बानो को लेकर मौलवियों के सामने घुटने टेककर नाक रगड़ने की प्रवृत्ति थी। कॉन्ग्रेस ये पाप नहीं करती, मौलवियों के दबाव में न आकर शाह बानो को न्याय दिया होता तो ये दुर्गति नहीं होती।”
इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक कानून का जिक्र करते हुए विपक्ष के रुख को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि इनका महिला विरोधी आचरण तीन तलाक के मुद्दे पर भी देखने को मिला था। उन्होंने कहा, “दुनिया के अंदर तमाम इस्लामी देश तीन तलाक की प्रथा को नहीं मानते, लेकिन आप हैं, सुधरेंगे नहीं। वही कठमुल्लापन की ओर देश को ले जाना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि देश अब फतवे की राजनीति से आगे बढ़ चुका है, लेकिन विपक्ष अब भी उसी मानसिकता में अटका हुआ है। योगी ने विपक्ष के समग्र रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप जाति के नाम पर समाज को बाँटते हैं, लेकिन आपकी सहानुभूती वास्तव में महिलाओं के प्रति नहीं है। पिछड़ों के प्रति नहीं है, दलितों के प्रति नहीं है।”
उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा, “17 अप्रैल को लोकसभा के अंदर समाजवादी पार्टी ने कॉन्ग्रेस ने, DMK ने, TMC ने बनने का काम किया है जहाँ पर नारी गरिमा के लिए नारी सशक्तिकरण के लिए उठाए जाने वाले एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को आप लोगों ने सदन के अंदर गिरा करके इस तरीके से अपमानित करने का काम किया था।”
अंत मे सीएम योगी ने कहा, “काले कर्मों से जो राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं।” उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण केवल सदन ही नहीं, बल्कि पूरे देश को आहत करता है और यही कारण है कि सरकार ने निंदा प्रस्ताव लाकर विपक्ष की भूमिका को उजागर करने का प्रयास किया है।

