पूर्व राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा के नाम पर बिहार में ‘वोट चोरी’ का प्रोपेगेंडा करते रहे AAP-कॉन्ग्रेस, वो निकला फर्जी: जानें क्या है 2 जगहों पर वोटिंग की सच्चाई

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद राकेश कुमार सिन्हा ने अपना वोट दर्ज कराया। लेकिन कॉन्ग्रेस और AAP ने इसे भी प्रोपेगेंडा में शामिल किया और कुछ अधूरे तथ्यों के साथ आरोप लगाने शुरू कर दिए। लेकिन इन आरोपों का खुद राकेश सिन्हा ने ही फैक्टचेक कर डाला।

कॉन्ग्रेस और AAP ने आरोप लगाया कि राकेश सिन्हा ने दिल्ली चुनाव 2024 में भी मतदान किया था और अब बिहार चुनाव 2025 में भी वोट डालते देखे गए हैं। यह कहते हुए चुनाव आयोग पर SIR करने को लेकर सवाल खड़े किए।

कॉन्ग्रेस ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा, “इतना सब हो रहा है और चुनाव आयोग SIR के बहाने उन लोगों के नाम काट रहा है, जो BJP के वोटर नहीं है।” कॉन्ग्रेस नेता सु्प्रिया श्रीनाते ने लिखा, “यह कौन-सी योजना के तहत हो रहा है भाई?”

वही AAP ने भी इस प्रोपेगेंडा का साथ देते हुए चुनाव आयोग से सवाल किए, “एक व्यक्ति दो जगह मतदान कैसे कर सकता है, आप लोग क्या सो रहे हैं?” AAP नेता सौरभ भारद्वाज लिखते हैं, “ये (राकेश सिन्हा) दिल्ली यूनिवर्सिटी के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में पढ़ाते हैं तो ये बिहार का पता चाह कर भी नहीं दिखा सकते। आपको लगता है कि भाजपा सरकार की चोरी पकड़ लेंगे तो से सुधार जाएँगे ? बिल्कुल नहीं, ये खुल्लम खुल्ला चोरी करेंगे।”

कॉन्ग्रेस और AAP का प्रोपेगेंडा राकेश सिन्हा ने किया फेल

कॉन्ग्रेस और AAP के इस प्रोपेगेंडा को खुद राकेश सिन्हा ने ही फेल कर दिया। राकेश सिन्हा ने भी प्रोपेगेंडा ध्वस्त करते हुए सौरभ भारद्वाज को जवाब दिया, “मेरा नाम दिल्ली के मतदाता सूची में था। बिहार की राजनीति में सक्रियता के कारण मैंने अपना नाम गाँव मनसेर पुर (बेगूसराय) करा लिया। क्या इस आरोप के लिए मैं मानहानि करूँ ?”

इसी मानहानि के डर से रोते हुए AAP के सौरभ भारद्वाज फेक प्रोपेगेंडा फैलाने वाले AltNews के जुबैर के पास गए और कुछ रिसर्च लेकर वापस लौटे। इस रिसर्च के मुताबिक, “धारा 19(b) कहता है आप जहाँ नौकरी करते हैं और रहते हैं वहाँ वोट होगा, पैतृक गाँव में नहीं होगा।” सौरभ भारद्वाज ने इस रिसर्च के लिए जुबैर को श्रेय देकर धन्यवाद भी कहा है।

इस पर राकेश सिन्हा ने एक बार फिर AAP और कॉन्ग्रेस को जवाब दिया। उन्होंने इन प्रोपेगेंडा फैलाने वाली पार्टियों को संविधान के नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि पहले उनका वोट दिल्ली में था लेकिन बाद में उन्होंने अपना वोट पैतृक गाँव बेगूसराय में करा लिया। उन्होंने यह भी साफ किया कि दिल्ली वाला वोट डिलीट करके ही उन्होंने बिहार में दूसरा वोट बनवाया है।

राकेश सिन्हा ने यह भी कहा कि वह झूठा आरोप लगाने के चलते AAP और कॉन्ग्रेस पर मानहानि का मुकदमा भी करा सकते हैं। इसके साथ सिन्हा ने सारे सबूत भी पेश कर दिए, जिससे साफ होता है कि उनका वोट दिल्ली से डिलीट किया जा चुका है और अब वे केवल बिहार के वोटर हैं।

राकेश सिन्हा ने इन चुनाव आयोग के दस्तावेजों को तथ्यों के रूप में पेश करते हुए यह भी कहा, “आलसी लोगों जो सिर्फ बेबुनियाद आरोप लगाते हैं न स्वाध्याय करते हैं न तथ्यों को परखने की इच्छा शक्ति रखते हैं।”

यहाँ कॉन्ग्रेस और AAP का प्रोपेगेंडा ध्वस्त हो गया, जो बिना तथ्यों के राकेश सिन्हा पर हमलावर हो गए थे। जिन्होंने हर बार की तरह चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए थे। जैसा वो ‘वोट चोरी‘ और SIR के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाते आ रहे हैं, ये भी उन्हीं में से एक था।